Chhattisgarh News: जिला अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अस्पताल में IPD के तहत भर्ती मरीजों की संख्या और आयुष्मान योजना का लाभ लेने वाले मरीजों के आंकड़ों में बड़ा अंतर पाया गया। वहीं, योजना के तहत क्लेम प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी काफी धीमी मिली। इस पर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने दो आयुष्मान ऑपरेटरों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिला अस्पताल के सभाकक्ष में जीवन दीप समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई थी। कलेक्टर विजय दयाराम के की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अस्पताल की व्यवस्थाओं और आयुष्मान भारत योजना के कामकाज की समीक्षा की गई। इस दौरान IPD में भर्ती मरीजों की संख्या का मिलान योजना के तहत लाभान्वित मरीजों से किया गया। समीक्षा में दोनों आंकड़ों के बीच काफी अंतर सामने आया। इसके अलावा आयुष्मान योजना के तहत उपचार से जुड़े क्लेम समय पर प्रस्तुत नहीं किए जा रहे थे। कार्यप्रगति में मिली इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जीवन दीप समिति के आयुष्मान ऑपरेटर अजय कुमार राठौर और अक्षय गुप्ता के विरुद्ध नियमानुसार बर्खास्तगी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पात्र मरीजों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के उपचार से संबंधित सभी दस्तावेजों और अभिलेखों का सही तरीके से रखरखाव किया जाए। उन्होंने क्लेम प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि जानकारी के अभाव या दस्तावेजी प्रक्रिया में देरी के कारण कोई भी पात्र मरीज आयुष्मान भारत योजना के लाभ से वंचित न रहे। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को अस्पताल में आयुष्मान योजना के कामकाज में सुधार और जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






