Elephant Alert: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सीमावर्ती इलाकों में 52 हाथियों के मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है, हाथियों का झुंड मुख्य मार्ग पार करने के दौरान वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। कई दिनों से हाथियों का दल कटघोरा वनमंडल के पसान क्षेत्र से लेकर मरवाही वनमंडल के पेंड्रा और मरवाही वन परिक्षेत्र के आसपास विचरण कर रहा है।
लगातार खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं से सीमावर्ती गांवों के लोग परेशान हैं। वन विभाग ने प्रभावित इलाकों में सतर्कता बरतने की अपील की है। विभागीय अमला हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है, ताकि उनकी दिशा का पता लगाकर ग्रामीणों को समय रहते सावधान किया जा सके।
खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा झुंड
खेतों में तैयार हो रही फसलें हाथियों के आहार का हिस्सा बन रही हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीण रोजमर्रा के जरूरी काम निपटाने में भी सावधानी बरत रहे हैं। 52 हाथियों का एक साथ विचरण करना वन विभाग के लिए भी चुनौती बना हुआ है। स्थिति पर नियंत्रण रखने और ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए सीमावर्ती गांवों में वनकर्मियों को सक्रिय किया गया है। हाथियों की लोकेशन और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।फोटो-वीडियो बनाने के लिए हाथियों के करीब पहुंच रहे लोग
वन विभाग की ओर से बार-बार समझाइश दिए जाने के बावजूद कुछ ग्रामीण हाथियों के नजदीक पहुंच रहे हैं। पेंड्रा-कटघोरा मार्ग पर झुंड के गुजरने के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। कई लोग फोटो और वीडियो बनाने के लिए हाथियों के करीब जाते और शोर मचाते दिखाई दिए। वन विभाग ने लोगों को स्पष्ट रूप से हाथियों से दूरी बनाए रखने, उनके रास्ते में बाधा नहीं डालने और झुंड के आसपास भीड़ नहीं लगाने की सलाह दी है। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी वन अमले के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
विशाल झुंड के बीच यदि कोई हाथी शोर या भीड़ से उत्तेजित हो जाता है, तो स्थिति खतरनाक हो सकती है। ऐसे में लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। वन विभाग ग्रामीणों से अपील कर रहा है कि हाथियों को देखने के लिए उनके पास जाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सतर्क रहें।






