Jashpur Elephant News: कोरबा में 53 हाथियों की मौजूदगी, जशपुर में दंतैल हाथी ने तोड़ी बाउंड्रीवाल
Jashpur Elephant News: कोरबा के पसान क्षेत्र में 53 हाथियों के झुंड ने स्कूल हॉस्टल और धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं, जशपुर के कुनकुरी में एक दंतैल हाथी रिहायशी इलाके और चर्च परिसर तक पहुंच गया। वन विभाग दोनों क्षेत्रों में निगरानी कर रहा है।
प्रकाशित: 11 Oct 2026, 03:56 PM· 4 मिनट पढ़ने का समय
जशपुर
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Jashpur Elephant News: छत्तीसगढ़ में जंगली हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों और शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कोरबा जिले के पसान वन परिक्षेत्र में 53 हाथियों के झुंड ने तेलियामार गांव में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने एक स्कूल हॉस्टल की बाउंड्रीवाल तोड़ने के साथ बगीचे और किसानों की धान की फसल को भी नुकसान पहुंचाया। दूसरी ओर, जशपुर जिले के कुनकुरी नगर में झुंड से बिछड़ा एक दंतैल हाथी रिहायशी इलाके में घुस गया। यहां उसने अस्पताल समेत तीन स्थानों की बाउंड्रीवाल तोड़ दी। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
कोरबा के तेलियामार गांव में देर रात पहुंचा 53 हाथियों का झुंड
कोरबा जिले के पसान वन परिक्षेत्र के तेलियामार गांव में गुरुवार देर रात हाथियों का बड़ा झुंड पहुंच गया। अचानक हाथियों की चिंघाड़ सुनकर लोग सहम गए। झुंड ने दीपक मिशन स्कूल के हॉस्टल की बाउंड्रीवाल तोड़ दी और परिसर में घुसकर बगीचे को नुकसान पहुंचाया। हॉस्टल में करीब 160 बच्चे रह रहे थे। रात के समय हाथियों के पहुंचने से बच्चे दहशत में आ गए। गांव में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हाथियों ने आसपास के किसानों के मकानों और खेतों में तैयार धान की फसल को भी रौंद दिया। ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों की वजह से सैकड़ों एकड़ में लगी फसल प्रभावित हुई है। फसल को हुए नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने हाथियों से सुरक्षा और नुकसान के आकलन को लेकर चिंता जताई है।
वन विभाग के मुताबिक, कटघोरा वन मंडल में फिलहाल 57 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें से करीब 53 हाथी पसान क्षेत्र में मौजूद हैं। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए वन विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं। निगरानी के लिए दो गाड़ियों के साथ दो विशेष दल तैनात किए गए हैं। ये दल दिन और रात में हाथियों की आवाजाही पर नजर रख रहे हैं, ताकि हाथियों के गांवों की ओर बढ़ने की स्थिति में समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सके।
कोरबा और जशपुर में रिहायशी इलाकों में पहुंचे जंगली हाथी10 गांवों में मुनादी, मोबाइल पर भेजे जा रहे अलर्ट
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के 10 गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सावधान किया है। विभाग के अनुसार, ‘गज संकेत ऐप’ के माध्यम से मोबाइल फोन पर अलर्ट भी भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा, कटघोरा स्थित केंद्रीकृत हाथी निगरानी केंद्र से सरपंचों, सचिवों और ग्रामीणों को फोन के जरिए हाथियों की गतिविधियों की जानकारी दी जा रही है। वन मंडल अधिकारी के मुताबिक, जंगल से भटककर एक हाथी हॉस्टल परिसर तक पहुंच गया था। सूचना मिलने पर हाथी मित्र दल, ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों ने मिलकर हाथी को सुरक्षित जंगल की ओर वापस भेज दिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई।
कुनकुरी में रिहायशी इलाके में घुसा दंतैल हाथी
कोरबा के बाद जशपुर जिले के कुनकुरी नगर से भी हाथी के उत्पात की खबर सामने आई है। यहां झुंड से अलग हुआ एक जंगली दंतैल हाथी रिहायशी इलाके में पहुंच गया। हाथी ने हॉली क्रॉस मिशन हॉस्पिटल सहित तीन स्थानों की बाउंड्रीवाल तोड़ दी। इसके बाद हाथी कुनकुरी के महागिरजाघर चर्च परिसर में पहुंच गया। यह परिसर श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। रविवार को यहां बड़ी संख्या में लोग प्रार्थना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर में हाथी की मौजूदगी देखकर लोगों में डर फैल गया। अपनी सुरक्षा के लिए लोग इधर-उधर भागते नजर आए।
लोयला कॉलेज परिसर में हाथी की मौजूदगी, वन विभाग सतर्क
मिली जानकारी के अनुसार, दंतैल हाथी फिलहाल लोयला कॉलेज परिसर में मौजूद है। वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। रिहायशी क्षेत्र में हाथी की मौजूदगी को देखते हुए स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।
कोरबा और जशपुर में सामने आई इन घटनाओं ने एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष की चुनौती को उजागर किया है। वन विभाग के लिए हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर ले जाने के साथ-साथ ग्रामीणों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी अहम है।