Student Health: दमोह के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में प्रार्थना के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाली दो छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस घटना के बाद से स्कूल और छात्रावास प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रार्थना के दौरान बिगड़ी तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, हिरदेपुरा निवासी अदिति चौरसिया और त्रिवेणी लोधी कक्षा 11वीं की छात्रा हैं और अंग्रेजी माध्यम से गणित विषय की पढ़ाई कर रही हैं। दोनों छात्राएं स्कूल परिसर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में ही रहती हैं। सोमवार को सुबह की प्रार्थना के दौरान अचानक दोनों को चक्कर आने लगे। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ी तो एक छात्रा को उल्टी भी होने लगी। आनन-फानन में स्कूल के शिक्षक और शिक्षिकाएं दोनों बच्चियों को लेकर जिला अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्हें तुरंत भर्ती कराया गया। फिलहाल दोनों का इलाज जारी है।
नाश्ते और भोजन को लेकर छात्राओं के खुलासे
अस्पताल में भर्ती छात्राओं ने भोजन व्यवस्था को लेकर कई खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि सुबह चाय के साथ केवल टोस्ट नाश्ते में दिया गया था। इसके बाद, करीब साढ़े दस बजे स्कूल में जो भोजन मिला, उसमें मूंग की दाल, भटे (बैंगन) की सब्जी और रोटी शामिल थी। पीड़ित छात्रा त्रिवेणी ने बताया कि उसने सिर्फ आधी रोटी ही खाई थी, जिसके कुछ देर बाद स्कूल पहुँचते ही उसे चक्कर आने लगे और उल्टी हो गई। वहीं, प्रार्थना के वक्त अदिति को भी चक्कर आ गए थे।
परिजनों के गंभीर आरोप: मेनू के हिसाब से नहीं मिलता खाना
घटना की सूचना मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुँचे। त्रिवेणी के पिता ने छात्रावास प्रबंधन पर सीधा लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हॉस्टल में न तो समय पर नियमित नाश्ता मिलता है और न ही तय मेनू के अनुसार भोजन दिया जाता है। खाने की गुणवत्ता इतनी खराब है कि कई बार मजबूर होकर बच्चियों को घर से टिफिन लाना पड़ता है।
छह दिनों से खराब थी पानी की मोटर
परिजनों ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं की पोल खोलते हुए एक और बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि छात्रावास में पानी की मोटर पिछले छह दिनों से खराब पड़ी थी, जिसके चलते बच्चियां ठीक से नहा भी नहीं पा रही थीं। बाद में जब दबाव बना तब जाकर मोटर ठीक कराई गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि जब छात्राएं हॉस्टल में किसी बात की शिकायत करती हैं, तो उन्हें डांट-फटकार कर चुप करा दिया जाता है।मूलभूत सुविधाओं पर उठ रहे सवाल
इस घटना ने साफ कर दिया है कि कागजों पर भले ही सब कुछ ठीक-ठाक दिखाया जाता हो, लेकिन धरातल पर हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की सेहत, साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और भोजन जैसी बुनियादी जरूरतों के साथ किस तरह का खिलवाड़ हो रहा है। फिलहाल, इस घटना के बाद शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी दवाब बढ़ गया है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराएं और दोषियों पर कार्रवाई करें।






