The impact of AI: गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक (Alphabet Inc) के शेयरों की कीमतों में 13 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। इस गिरावट की वजह से कंपनी का मार्केट कैप 500 बिलियन डॉलर कम हो गया। अचानक शेयरों में इस गिरावट के पीछे की वजह AI है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से गूगल का मुख्य बिजनेस सर्च और प्रचार पर बुरा असर पड़ा है। कंपनी के नए आंकड़े निराश करने वाले रहे हैं।
अल्फाबेट की ओर से कैलेंडर वर्ष की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए गए, जो बाजार के अनुमानों पर खरे नहीं उतर सके। कंपनी की पार्टनर पेआउट के बाद कुल बिक्री 111.2 अरब डॉलर रही। यह आंकड़ा विश्लेषकों की उम्मीद से कम था।
ChatGPT और Claude से गूगल के कारोबार को चुनौती
अब तक गूगल के अधिकारी यह भरोसा जताते रहे हैं कि AI आधारित नए फीचर्स से उसके सर्च इंजन के कारोबार पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, ChatGPT और Claude जैसे प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता बढ़ने के बाद बाजार का नजरिया बदलने लगा है। दूसरी ओर, गूगल भी अपने सर्च इंजन में AI तकनीक को तेजी से शामिल कर रहा है।
एक्सपर्ट्स ने दी AI से कमाई बढ़ाने की सलाह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अल्फाबेट के हालिया नतीजे कंपनी के लिए एक अहम संकेत हैं। गूगल को अब अपनी AI तकनीक से कमाई के नए रास्ते तलाशने होंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि कंपनी AI को प्रभावी तरीके से मोनेटाइज नहीं कर पाती है, तो उसे सर्च और डिजिटल विज्ञापन के क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने में मुश्किल हो सकती है।AI और डेटा सेंटर पर बड़ा निवेश करने की तैयारी
AI की दौड़ में आगे बने रहने के लिए गूगल को बड़े पैमाने पर निवेश करना पड़ रहा है। कंपनी को डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग क्षमता और अन्य तकनीकी सुविधाओं का विस्तार करना होगा। अल्फाबेट के CEO सुंदर पिचाई के मुताबिक, भविष्य में इन जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी का निवेश 1 ट्रिलियन डॉलर से भी अधिक हो सकता है।
तीसरी तिमाही में कितना रहा गूगल का रेवेन्यू
तीसरी तिमाही में अल्फाबेट का कुल रेवेन्यू 96.30 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जबकि बाजार विशेषज्ञों ने इसके 98.4 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया था। यानी कंपनी की कमाई उम्मीद से कम रही। वहीं, YouTube के विज्ञापन कारोबार से 11.2 अरब डॉलर का रेवेन्यू आया। यह आंकड़ा भी बाजार के अनुमान से नीचे रहा। इन नतीजों के बीच गूगल का AI पर बढ़ता खर्च निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है।







