Kajal Dhochak: हरियाणा की युवा पहलवान काजल ढोचक ने महज 18 साल की उम्र में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर भारतीय कुश्ती में अपनी अलग पहचान बना ली है। पहली बार सीनियर विश्व चैंपियनशिप में उतरी काजल ने 76 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि, खिताबी मुकाबले में उन्हें यूक्रेन की 24 वर्षीय पहलवान अनास्तासिया अल्पयेयेवा के खिलाफ 8-6 से हार का सामना करना पड़ा। करीबी मुकाबले में जीत उनसे दूर रह गई, लेकिन रजत पदक के साथ उन्होंने बड़ी उपलब्धि अपने नाम की।
काजल की इस सफलता को इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि वह सीनियर स्तर पर अपने पहले ही प्रयास में विश्व चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचीं। इससे पहले वह अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में लगातार दो बार स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। अब सीनियर स्तर पर उनकी इस उपलब्धि ने भविष्य के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
चाचा से मिली कुश्ती की शुरुआती ट्रेनिंग
काजल हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली हैं। वह इस चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बन चुकी हैं। काजल ने चाचा कष्णा मलिक से शुरुआती ट्रेनिंग ली थी। वह खुद इंटरनेशनल रेसलर रह चुके हैं। चोट के कारण जब उनका करियर खत्म होने लगा। उन्होंने काजल के बड़े भाई को कोचिंग देनी शुरू की थी। काजल के पिता अपने परिवार को गांव से सोनीपत शहर ले आए थे, ताकि काजल को पढ़ाई-लिखाई में आसान हो सके। काजल ने पढ़ाई में अच्छी होने के बाद भी 11 साल की उम्र में तय कर लिया कि कुश्ती में करियर बनाना है।
कोच ने काजल की तुलना सचिन तेंदुलकर से की
भारतीय महिला कुश्ती टीम के मुख्य कोच वीरेंद्र दहिया काजल की मेहनत और लगातार आगे बढ़ने की ललक से काफी प्रभावित हैं। उन्होंने काजल की तुलना महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से करते हुए कहा कि उनमें भी खुद को बेहतर बनाने की वैसी ही भूख है। इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में दहिया ने सचिन तेंदुलकर के शुरुआती करियर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सचिन ने 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था, क्योंकि उनमें कुछ कर दिखाने का जुनून था। उनके मुताबिक, काजल में भी लगातार बेहतर प्रदर्शन करने और नई उपलब्धियां हासिल करने की यही इच्छा दिखाई देती है।अंडर-15 से विश्व चैंपियनशिप के फाइनल तक का सफर
स्पोर्ट्स स्टार के अनुसार काजल शुरुआती में गिने चुने दिन ही ट्रेनिंग करती थीं। वह किसी एकेडमी में नहीं जाती थी। चाचा के जमीन पर बने मिट्टी के अखाड़े में प्रैक्टिस करती थी। कृष्णा मलिक को लगा कि यह कुछ दिनों के लिए है और फिर काजल का मन हट जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 14 साल की उम्र में उन्होंने सोनीपत में कुलदीप स्पोर्ट्स एकेडमी ज्वाइन कर लिया। कुलदीप मलिक पूर्व नेशनल कोच हैं और अभी भी काजल उनके साथ ही ट्रेनिंग करती हैं। उन्होंने पहले स्टेट और फिर नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर तेजी से आगे बढ़ीं। उन्होंने 2022 में अंडर- 15 एशियाई चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और गोल्ड जीता। 2023 में अंडर-17 का खिताब भी अपने नाम किया। पिछले दो सालों में उन्होंने लगातार दो जूनियर विश्व चैंपियनशिप गोल्ड जीते हैं।







