जिले में कृषि विभाग द्वारा 01 जून से 30 जून 2026 तक संचालित ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर कृषक चौपाल एवं कृषक संगोष्ठी कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
अभियान के तहत जिले की 41 ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इनमें महासमुंद विकासखंड में 5, बागबाहरा में 13, पिथौरा में 10, बसना में 8 तथा सरायपाली में 5 कार्यक्रम शामिल हैं।
रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर
मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और जैविक खेती की दी जा रही जानकारी
कार्यक्रमों में किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक खेती के लाभ, हरी खाद एवं नील हरित काई के उपयोग तथा जैविक उत्पादों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
किसानों को यूरिया एवं डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी, जैव उर्वरक, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, जैविक खाद एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही कृषि विभाग द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी भी दी जा रही है।