राजधानी रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत महात्मा गांधी नगर में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश के पानी से भरे खुले नाले में गिरने से 4 वर्षीय मासूम काव्यांश साहू की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि काव्यांश अपने घर के बाहर गली में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी से भरे खुले नाले में जा गिरा। नाले में पानी का बहाव तेज होने के कारण वह करीब 500 मीटर दूर तक बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोग बच्चे की तलाश में जुट गए
स्थानीय लोगों ने काफी खोजबीन के बाद काव्यांश को घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर नाले से बाहर निकाला। उस समय उसकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही थी। परिजन और मोहल्ले के लोग उसे तत्काल उपचार के लिए मेडिशाइन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया।
बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया
बारिश के पानी में छिपा था खुला नाला जानकारी के अनुसार, सोमवार को काव्यांश अपने घर के बाहर गली में चार-पांच बच्चों के साथ खेल रहा था। लगातार बारिश होने के कारण इलाके की गलियों में पानी भर गया था और नाला पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा था। खेलते समय काव्यांश खुले नाले के पास पहुंच गया और अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद वह करीब तीन फीट गहरे नाले में जा गिरा। बारिश के पानी और जलभराव के कारण आसपास मौजूद बच्चों को भी नाले की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं हो सका।

तेज बहाव में करीब 500 मीटर दूर तक बहा मासूम
नाले में गिरते ही काव्यांश पानी के बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते काफी दूर तक बह गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाले की गहराई लगभग तीन फीट थी और उसमें पानी का बहाव इतना तेज था कि बच्चा खुद को संभाल नहीं पाया। घटना के कुछ समय बाद स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की।
घटना के समय मासूम की बड़ी बहन मौजूद थी
स्थानीय लोगों के अनुसार, भाई के नाले में गिरने के बाद वह घबरा गई और आसपास की दुकानों या मोहल्ले के लोगों से तुरंत मदद मांगने के बजाय अपनी मां को बुलाने के लिए घर चली गई। इस कारण घटना की जानकारी दूसरे लोगों तक पहुंचने और बचाव कार्य शुरू होने में देरी हो गई। लोगों का कहना है कि यदि हादसे की सूचना तुरंत आसपास मौजूद लोगों को मिल जाती तो बच्चे को जल्दी नाले से बाहर निकाला जा सकता था।
रोजगार के सिलसिले में लखनऊ गए हैं पिता
काव्यांश के पिता खिलेश साहू मिस्त्री का काम करते हैं और रोजगार के सिलसिले में लखनऊ गए हुए हैं। रायपुर में काव्यांश अपनी मां किरण साहू और बड़ी बहन वर्षा साहू के साथ रहता था। मासूम का जन्मदिन भी इसी महीने आने वाला था, जिसे लेकर परिवार में तैयारियां और उत्साह था। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद पिता को भी घटना की जानकारी दे दी गई है।
नगर निगम की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे के बाद रायपुर नगर निगम की व्यवस्था और बारिश से पहले की गई तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई नाले खुले हुए हैं, लेकिन उन्हें ढकने या उनके आसपास सुरक्षा घेरा लगाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। बारिश के कारण सड़कों और गलियों में जलभराव होने पर खुले नाले दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।