Krishna Janmashtami Celebration: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र 'अमर ज्योति भवन' में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार पूरे हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने का दिया संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरंग सेवा केंद्र की संचालिका बी.के. लता बहन ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके दिव्य चरित्र पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन 16 कलाओं से युक्त, मर्यादा और पवित्रता का प्रतीक है। आज के दौर में जब चारों तरफ नकारात्मकता और विकार बढ़ रहे हैं, ऐसे में श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलना और भी जरूरी हो जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर हम अपने जीवन को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो हमें त्याग, तपस्या और अच्छे कर्मों की राह चुननी होगी। गीता के उपदेशों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सही आध्यात्मिक ज्ञान के बल पर इंसान अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है। उन्होंने लोगों से काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों को छोड़कर सकारात्मकता अपनाने की अपील की, ताकि समाज में बेहतर मूल्यों की स्थापना हो सके।
