सोने का लालच पड़ा भारी : रायपुर के तीन लोगों से लाखों ठगे, अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा
रायपुर में पुराने सोने का झांसा देकर 22.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपी पहले असली सोने का टुकड़ा दिखाकर पीड़ितों का भरोसा जीतते थे और बाद में पीतल के नकली हार बेचकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड शंभू राय समेत तीन आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से नकदी, नकली आभूषण और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
कीर्तिमान डेस्क
30 Jul 2026, 10:12 AM
रायपुर
“खुदाई में पुराने जमाने का सोना मिला है, बहन की शादी है इसलिए सस्ते में बेच रहे हैं।” इसी झांसे में आकर रायपुर के तीन लोग लाखों रुपये गंवा बैठे। ठगों का तरीका इतना शातिर था कि शुरुआत में पीड़ितों को उन पर पूरा भरोसा हो जाता था। आरोपी पहले हार का छोटा हिस्सा तोड़कर जांच करवाते थे, जो असली सोना निकलता था। इसके बाद पूरा हार बेच दिया जाता था, लेकिन बाद में पता चलता कि वह सोना नहीं बल्कि पीतल का बना हुआ था।
करीब 22.50 लाख रुपए की ठगी के मामले में रायपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड शंभू राय समेत तीन आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इसी गिरोह ने रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर, तेलीबांधा और डीडी नगर थाना क्षेत्रों में अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की है।
नकली गहनों से ठगीहर वारदात में अपनाते थे एक जैसा तरीका
जांच में पुलिस ने पाया कि तीनों घटनाओं में आरोपियों का तरीका बिल्कुल समान था। वे खुद को मजदूर या खुदाई का काम करने वाला बताते थे और दावा करते थे कि उन्हें जमीन की खुदाई के दौरान पुराने सोने के गहने और सिक्के मिले हैं। पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी पहले से तैयार असली सोने का छोटा टुकड़ा हार से निकालकर जांच के लिए देते थे। जब ज्वेलर्स उस टुकड़े को असली बताते थे तो लोग बिना ज्यादा जांच-पड़ताल किए लाखों रुपए देकर पूरा हार खरीद लेते थे। बाद में उन्हें पता चलता था कि पूरा हार नकली और पीतल का बना हुआ है।
स्टोन बेचने के दौरान तलाशते थे अमीर लोगों को
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि गिरोह का मुख्य आरोपी शंभू राय अलग-अलग शहरों में राशि पत्थर (स्टोन) बेचने का काम करता था। इसी दौरान वह आर्थिक रूप से मजबूत लोगों की पहचान कर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। गिरोह दिल्ली के करोल बाग से पीतल के हार और नकली आभूषण खरीदता था। इसके बाद इन्हें पुराने खजाने से मिले गहने बताकर बाजार कीमत से काफी कम दाम में बेचने का लालच दिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने रायपुर में तीन अलग-अलग जगहों पर ठगी की थी। न्यू राजेंद्र नगर इलाके में एक कारोबारी से 2.50 लाख रुपए ठगे गए। वहीं तेलीबांधा में मोबाइल एक्सेसरीज कारोबारी को 10 लाख रुपए में नकली हार बेच दिया गया। इसके अलावा डीडी नगर क्षेत्र में एक युवक को 2 किलो पुराना सोना बताकर उससे 10 लाख रुपए ले लिए गए। जांच में सामने आया कि तीनों मामलों में ठगी का तरीका एक जैसा था।
आरोपियों से 9 लाख नकद और नकली गहने बरामद
तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर रायपुर पुलिस की टीम मुंबई पहुंची, जहां से शंभू राय, गीता गुजराती और शांति गुजराती को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 लाख रुपए नकद, 12 चांदी के सिक्के, पीतल के कई आभूषण और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी शंभू राय के पास से चार अलग-अलग फर्जी आधार कार्ड भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने कई राज्यों में एक दर्जन से ज्यादा ठगी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। अब पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश भी जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी के और मामलों का खुलासा हो सकता है।