Mahasamund News: सेवा सेतु अभियान के तहत बिरकोनी में आयोजित शिविर में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत जिले के हितग्राही यादराम निषाद और महेत्तर ध्रुव को आइस बॉक्स और जाल निशुल्क मत्स्य विभाग के माध्यम से विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा ने प्रदान किया। दोनों हितग्राहियों के जीवन में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं उनके समिति के अन्य सदस्यों को भी लाभ मिलेगा। इन हितग्राहियों ने मिलकर वर्ष 2022 में जय महानदी मत्स्य सहकारी समिति का पंजीयन कराया है। उन्होंने 3 बार तालाब में मत्स्य बीज प्रवाहित किया है जिससे 5 साल में 5 बार जाल से निकालकर बाजार में बेचकर मुनाफा कमाया है।
PMMSY में मछुआरों को 60% तक अनुदान, दुर्घटना बीमा की भी सुविधा
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है। इस योजना में सामान्य वर्ग के लिए प्रोजेक्ट लागत का 40% और अनुसूचित जाति (एससी ), अनुसूचित जनजाति (एसटी ) वर्ग और महिलाओं के लिए प्रोजेक्ट लागत का 60% तक की वित्तीय सहायता अनुदान दिया जाता है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना चलाई जा रही है, जिसमें मत्स्य पालकों को 5 लाख तक का मुफ्त दुर्घटना बीमा, आंशिक विकलांगता पर 2.5 लाख, तथा अस्पताल के खर्च के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना का प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत संचालित निःशुल्क दुर्घटना बीमा योजना मत्स्य पालकों और उनके परिवारों के लिए कठिन परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा का प्रभावी माध्यम बन रही है।
मछली उत्पादन बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का उद्देश्य देश में नीली क्रांति लाना,मछली और मछली पकड़ने वाले किसानों के लिए सामाजिक, भौतिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना एक मजबूत मत्स्यिकी प्रबंधन और लिमिटेड ढांचा तैयार करना है। मछली उत्पादन बढ़ाना, आधुनिक तकनीक अपनाना और मछुआरों की आय को बढ़ाना, मछली उत्पादन को बढ़ाना, कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे (कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट) में सुधार करना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। साथ ही मछुआरों के कल्याण और सुरक्षा को सुनिश्चित करना और वित्तीय सहायता तथा सब्सिडी भी शामिल है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का उद्देश्य देश में नीली क्रांति लाना,मछली और मछली पकड़ने वाले किसानों के लिए सामाजिक, भौतिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना एक मजबूत मत्स्यिकी प्रबंधन और लिमिटेड ढांचा तैयार करना है। मछली उत्पादन बढ़ाना, आधुनिक तकनीक अपनाना और मछुआरों की आय को बढ़ाना, मछली उत्पादन को बढ़ाना, कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे (कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट) में सुधार करना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। साथ ही मछुआरों के कल्याण और सुरक्षा को सुनिश्चित करना और वित्तीय सहायता तथा सब्सिडी भी शामिल है।
दुर्घटना में मिलेगा 5 लाख तक सहारा
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालकों का निःशुल्क दुर्घटना बीमा कराया जाता है। इस योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी), हैदराबाद के सहयोग से गो-डिजिट इंश्योरेंस कंपनी द्वारा बीमा दावों का भुगतान किया जाता है। योजना के प्रावधानों के अनुसार बीमित मत्स्य पालक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपए, स्थायी अथवा अस्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2.50 लाख रुपए तथा दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर 25 हजार रुपए तक की सहायता राशि बीमित व्यक्ति अथवा उसके नामिनी को प्रदान की जाती है। मत्स्य पालन विभाग ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य मत्स्य पालन से जुड़े परिवारों को आकस्मिक दुर्घटनाओं की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना तथा उनके जीवन-यापन को सहारा देना है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य पालकों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिल रहा है, जिससे वे अधिक विश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ मत्स्य पालन गतिविधियों से जुड़ रहे हैं।

