छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार तेज, हाईवे पर फंसे वाहन, बांधों से छोड़ा जा रहा अतिरिक्त पानी
छत्तीसगढ़ में मानसून ने फिर जोर पकड़ लिया है। लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मुंगेली के लोरमी में 200 ग्रामीण 24 घंटे तक फंसे रहे, जिन्हें SDRF ने नावों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं खुड़िया और कोडार बांध लबालब भरने के बाद अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक बारिश और कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
कीर्तिमान डेस्क
10 Aug 2026, 11:09 AM
रायपुर
छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। मुंगेली जिले के लोरमी ब्लॉक में भारी बारिश के बाद पसरहा पारा इलाके का संपर्क टूट गया, जहां करीब 200 ग्रामीण 24 घंटे तक फंसे रहे। हालात को देखते हुए SDRF की टीम ने करीब 10 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी ग्रामीणों को नावों की मदद से सुरक्षित बाहर निकालकर राहत शिविर पहुंचाया।
मुंगेली जिले का राजीव गांधी जलाशय (खुड़िया बांध) लगातार बारिश के चलते पूरी क्षमता से भर गया है। बांध के वेस्ट वेयर से करीब 6 फीट पानी बह रहा है, जिसके कारण मनियारी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि साल 2020 के बाद पहली बार इतनी मात्रा में बांध से पानी छोड़ा गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है।
नेशनल हाईवे-45 पर कीचड़ से बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश का असर यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा रोड-गौरेला को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-45 पर कीचड़ और गड्ढों के कारण कई नेशनल हाईवे पर फंसे वाहन भारी वाहन फंस गए। इसके चलते सड़क पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी बारिश के कारण नुकसान की खबर सामने आई है। शनिवार शाम गौरेला शहर के वार्ड नंबर-8 में एक पुराना जर्जर मकान ढह गया। मकान की दीवारों में पहले से दरारें थीं, जिसके चलते प्रशासन और स्थानीय लोगों ने समय रहते घर खाली करा लिया था। राहत की बात रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
महासमुंद का कोडार डैम लबालब, छोड़ा जा रहा अतिरिक्त पानी
महासमुंद जिले में भी लगातार बारिश से जलस्रोतों में तेजी से पानी बढ़ रहा है। कोडार डैम 100 प्रतिशत भर चुका है। जल संसाधन विभाग की 9 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, डैम का जलस्तर 295.62 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसकी पूर्ण जलभराव क्षमता (FRL) 295.35 मीटर है। क्षमता से अधिक पानी होने के कारण अब डैम से पानी छोड़ा जा रहा है।मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बलरामपुर और बीजापुर जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है। वहीं, 1 जून से अब तक प्रदेश में कुल मानसूनी बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम रही है। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल और उससे लगे उत्तर ओडिशा के ऊपर एक मौसम प्रणाली सक्रिय है। इसके प्रभाव से 9 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
बलरामपुर के कुसमी में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटों में बलरामपुर जिले के कुसमी में सबसे अधिक 110 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं दौरा कोचली में 90 MM, भोपालपट्टनम और बलरामपुर में 70-70 MM तथा बरमकेला में 60 MM बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा रामानुजगंज, कुकदूर, लटोरी, जशपुरनगर, नया बरादवार, चांपा, सरिया, लखनपुर, शिवरीनारायण, सन्ना और पेंड्रा में करीब 50-50 MM बारिश हुई। प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी 30 से 40 MM तक बारिश रिकॉर्ड की गई।
रायपुर में बादल छाए रहने के संभावना
राजधानी रायपुर में सोमवार को भी मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और एक-दो दौर की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। प्रदेश में शनिवार को सबसे अधिक तापमान दुर्ग में दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया, जहां तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
अगले दोदिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और नदी-नालों के आसपास जाने से बचें। मौसम खराब होने पर सतर्क रहें और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।