नागपंचमी के अवसर पर शासकीय आशीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला के प्राथमिक विभाग में विशेष ज्ञानवर्धक कक्षा का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों को नागपंचमी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता के साथ-साथ सांपों के प्राकृतिक जीवन और उनसे जुड़ी सावधानियों की जानकारी दी गई।
प्रधान पाठक डेमेश्वरी गजेंद्र ने बच्चों को बताया कि नागपंचमी पूजा और परंपरा का पर्व होने के साथ प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देने वाला अवसर भी है। उन्होंने बच्चों को सांपों की प्रकृति के बारे में समझाते हुए कहा कि सांप दिखाई देने पर उसके पास जाने या उसे छेड़ने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी बड़े व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने समझाया कि सांप से दूरी बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित उपाय है, क्योंकि उसके काटने से जान का खतरा हो सकता है।
डर के बजाय बरते सावधानी
विशेष कक्षा के दौरान बच्चों की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया। उन्हें बताया गया कि सांप हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके प्रति डर के बजाय सावधानी तथा जागरूकता का भाव रखना चाहिए। इस अवसर पर सहायक शिक्षक खेमिन साहू ने भी बच्चों को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरक कहानियां सुनाईं। कहानियों के माध्यम से बच्चों को प्रकृति, जीव-जंतुओं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया गया।
शिक्षा और संस्कार से जोड़ने की पहल
विद्यालय में आयोजित यह विशेष कक्षा बच्चों के लिए ज्ञान और जागरूकता से भरपूर रही। शिक्षकों ने पर्व-त्योहारों को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखकर उन्हें बच्चों की शिक्षा, संस्कार और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने की पहल की, जिसे अभिभावकों और विद्यालय परिवार ने सराहनीय बताया।