नशामुक्त भारत अभियान एवं मिशन स्पंदन के अंतर्गत विकसित भारत की दिशा में सशक्त कदम बढ़ाते हुए तुलसी-सकरी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आरंग स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के प्रतिनिधित्व में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए स्वस्थ, सकारात्मक और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे का प्रभाव केवल किसी व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे उसका पूरा परिवार और समाज प्रभावित होता है। नशे की लत परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर करने के साथ आपसी संबंधों और सामाजिक वातावरण पर भी नकारात्मक असर डालती है। युवाओं से कहा गया कि वे अपनी ऊर्जा, समय और प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और अपने बेहतर भविष्य के निर्माण में करें।
नशामुक्त जीवन के बताए फायदे
कार्यक्रम में नशामुक्त जीवन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे से दूरी बनाकर बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक शांति, सकारात्मक सोच, आर्थिक समृद्धि और खुशहाल पारिवारिक जीवन की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। नशामुक्त जीवन व्यक्ति को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और समाज में सकारात्मक योगदान देने में भी मदद करता है। विद्यार्थियों से स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने के साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई। उन्हें समझाया गया कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही नशामुक्त समाज के लक्ष्य को प्रभावी रूप से हासिल किया जा सकता है।
छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने ली सामूहिक प्रतिज्ञा
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त भारत बनाने की प्रतिज्ञा ली। सभी ने स्वयं को नशे के सभी प्रकारों से दूर रखने और स्वस्थ, खुशहाल तथा सकारात्मक समाज के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। बताया गया कि ब्रह्माकुमारीज़ मेडिकल विंग, राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन और प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के तत्वावधान में यह महाअभियान चलाया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उन्हें स्वस्थ, मूल्यनिष्ठ और सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञाओं का लक्ष्य
अभियान के तहत 6 से 20 अगस्त तक देशभर में 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञाएं लेने का लक्ष्य रखा गया है। इसी कड़ी में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया और “मेरा भारत—नशामुक्त भारत” का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सकारात्मक सोच को मजबूत करने का प्रयास किया गया। छात्र-छात्राओं ने भी नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।