Navratri Preparation: तीन दिन बाद विराजेंगी मां दुर्गा, गांवों में सजा रहे आस्था के मंडप
Navratri Preparation: शारदीय नवरात्रि को लेकर आरंग क्षेत्र के गांवों में उत्साह बढ़ गया है। मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना के लिए पंडाल निर्माण, सजावट और रोशनी का काम तेजी से चल रहा है। मूर्तिकार भी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
Navratri Preparation: शारदीय नवरात्रि की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और अब मां जगदंबा के आगमन में महज तीन दिन का समय शेष है। इसे लेकर समूचे आरंग अंचल के ग्रामीण इलाकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। गांव-गांव में
दुर्गोत्सव समितियां मां दुर्गा की अगवानी के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन गया है।
भव्य पंडालों का निर्माण और जगमगाती रोशनी की तैयारी
पूजा समितियों ने प्रतिमा स्थापना के लिए स्थान तय कर मंडप निर्माण का काम तेज कर दिया है। युवा कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत करके पंडालों को आकर्षक रूप देने में लगे हैं। कपड़े की साज-सज्जा, सजावटी झालरों और रंग-बिरंगी लाइटों से पूजा स्थलों को खास लुक दिया जा रहा है। घटस्थापना के साथ ही पूरे नौ दिनों तक क्षेत्र माता के जयकारों से गुंजायमान रहेगा।
अंतिम चरण में मूर्तियों का काम और बाजारों में लौटी रौनक
दूसरी ओर, मूर्तिकार मां दुर्गा की प्रतिमाओं के रंग-रोगन, श्रृंगार और आभूषणों को अंतिम स्पर्श देने में व्यस्त हैं। समितियां मूर्तिकारों से लगातार संपर्क में हैं ताकि नवरात्रि शुरू होने से पहले प्रतिमाओं को सुरक्षित पंडालों तक पहुंचाया जा सके। त्योहार के नजदीक आते ही स्थानीय बाजारों में भी खरीदारी तेज हो गई है; पूजा सामग्री, चुनरी और सजावटी सामान की दुकानों पर खासी भीड़ उमड़ रही है।सामूहिक सहभागिता और सामाजिक एकजुटता का अवसर
गांवों में नवरात्रि केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। आयोजन को भव्य और सफल बनाने के लिए बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी अपने-अपने स्तर पर सहयोग दे रहे हैं। तीन दिन बाद जैसे ही मां दुर्गा की प्रतिमाएं विराजेंगी, नौ दिनों तक चलने वाला शक्ति आराधना का पर्व पूरे भक्ति भाव के साथ शुरू हो जाएगा।