Nepal Rescue Operation: भोटेकोशी नदी के उफान से दहशत, सुरंग में फंसे 600 लोग, भारत ने भेजी चौथी राहत सामग्री
Nepal Rescue Operation: भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बीच भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रसुवा की एक सुरंग में करीब 600 लोगों के फंसे होने की खबर से चिंता बढ़ गई है। भारत ने राहत सामग्री की चौथी खेप नेपाल भेजी है।
क
कीर्तिमान न्यूज
30 Aug 2026, 10:13 AM
नेपाल
Nepal Rescue Operation: भीषण बाढ़ और तबाही के दौर से गुजर रहे नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब भोटेकोशी नदी के जलस्तर में अचानक आई तेजी ने स्थानीय लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में नदी के किनारे बसे इलाकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने जानकारी दी कि शनिवार देर रात करीब 3 बजे भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव अचानक बेहद तेज हो गया था।
पल-पल की निगरानी कर रहा प्रशासन
रात के अंधेरे में पानी का उफान देखकर तटवर्ती इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण और बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी बड़े विनाशकारी बाढ़ का तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और प्रशासन लगातार पल-पल की निगरानी कर रहा है।
नेपाल में बाढ़ की स्थितिसुरंग के अंदर फंसे लगभग 600 लोग
बाढ़ के बीच रसुवा जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर आ रही है। यहाँ एक सुरंग (टनल) के अंदर लगभग 600 लोग फंसे हुए हैं। बुनियादी उपकरणों, विशेषज्ञों और प्रशिक्षित कर्मियों की कमी के कारण अब तक बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो पाया है। तैयारियों में देरी और जटिल परिस्थितियों की वजह से सुरंग के भीतर मौजूद लोगों की सलामती को लेकर गहरी आशंकाएं जताई जा रही हैं। इस समय इन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना राहत एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा बना हुआ है। गौरतलब है कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आए भीषण फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) ने पूरे इलाके को तहस-नहस कर दिया था।
मृतकों की संख्या: आपदा में अब तक 675 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
लापता लोग: 2,400 से अधिक नागरिक अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश में खराब मौसम लगातार बाधा बन रहा है।
इस भीषण त्रासदी की चपेट में कई भारतीय नागरिक भी आए हैं। विदेश मंत्रालय और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार स्थिति इस प्रकार है:
लापता भारतीय: 275 से अधिक भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं।
संपर्क से बाहर: भारतीय मूल के 128 अन्य लोगों से फिलहाल कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
सुरक्षित निकाले गए: 108 भारतीयों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।
चीन के रास्ते वापसी: बीते दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक चीन के रास्ते सुरक्षित नेपाल सीमा में प्रवेश कर चुके हैं। इसके अलावा लगभग 900 भारतीय नागरिक अभी भी चीन की तरफ सुरक्षित स्थानों पर मौजूद हैं।
भारतीय वायुसेना राहत और बचाव सामग्री लेकर नेपाल रवाना
नेपाल के इस कठिन समय में भारत ने एक बार फिर पड़ोसी धर्म निभाते हुए मदद का हाथ बढ़ाया है। शनिवार रात भारतीय वायुसेना का C-130J सुपर हरक्यूलिस सैन्य विमान 11 टन राहत और बचाव सामग्री लेकर नेपाल के लिए रवाना हुआ। यह भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री की चौथी खेप है। इस विशेष खेप में सुरंग में फंसे लोगों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण और विशेषज्ञ टीम शामिल है।
हजारों परिवारों को कभी ना भूलने वाला दर्द
इसके अलावा, शवों की पहचान के लिए फोरेंसिक टीम, और आपदा पीड़ितों के लिए कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट व हाइजीन किट भी भेजी गई हैं। नेपाल में आई इस भीषण त्रासदी ने हजारों परिवारों को कभी न भूलने वाला दर्द दिया है। राहत कार्य जारी हैं और सभी की नजरें टनल में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर टिकी हुई हैं।