भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ में 11 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाने जा रही है। इस अभियान की जिम्मेदारी भारतीय जनता युवा मोर्चा को सौंपी गई है। इस बार अभियान का मुख्य फोकस बस्तर के उन दूरस्थ इलाकों पर रहेगा, जो लंबे समय तक माओवादी प्रभाव के कारण राष्ट्रीय गतिविधियों से दूर रहे हैं। माओवादी हिंसा से मुक्त हुए इन क्षेत्रों में वर्षों बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।
अभियान के दौरान आत्मसमर्पण कर चुके करीब दो हजार से अधिक पूर्व माओवादी भी तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे। इसके जरिए सरकार शांति, लोकतंत्र और विकास का संदेश लोगों तक पहुंचाने की तैयारी में है। उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि बस्तर के कई संवेदनशील क्षेत्रों में अब बदलाव देखने को मिल रहा है। इस वर्ष बीजापुर के 33, सुकमा के 50 और नारायणपुर के 9 गांवों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराया जाएगा।
शहीद जवानों के परिवारों को किया जाएगा सम्मानित
माओवाद प्रभावित रहे पूवर्ती, सिलगेर और दरभा जैसे इलाकों को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने और ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अभियान के तहत बस्तर संभाग में बाइक रैलियां आयोजित की जाएंगी। भाजपा युवा मोर्चा और पार्टी कार्यकर्ता माओवादी विरोधी अभियान में शहीद हुए जवानों के परिवारों तक पहुंचकर उन्हें तिरंगा भेंट करेंगे और सम्मानित करेंगे। 15 अगस्त को बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, प्रमुख स्थानों और सामुदायिक भवनों का नामकरण बलिदानी जवानों के नाम पर किए जाने की भी तैयारी है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह अभियान देश के निर्माण में योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान और सामाजिक एकता का प्रतीक है।रायपुर के मरीन ड्राइव से होगा अभियान का शुभारंभ
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2022 से शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान लोगों को राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना से जोड़ने का काम कर रहा है। इस बार अभियान के माध्यम से उन इलाकों तक भी तिरंगा पहुंचाने की योजना है, जहां पहले सुरक्षा कारणों से राष्ट्रीय ध्वज फहराना मुश्किल माना जाता था। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत 10 अगस्त को राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से सुबह 10 बजे होगी। इसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, जनप्रतिनिधि, छात्र, एनसीसी कैडेट्स, पूर्व सैनिक, खिलाड़ी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल होंगे। प्रदेश के 450 से ज्यादा भाजपा मंडलों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और विकासखंड स्तर पर तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से डिजिटल तिरंगा अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें लोगों से अपने घरों और संस्थानों में तिरंगा फहराकर तस्वीरें साझा करने की अपील की जाएगी।