महासमुंद में शिक्षा की नई पहल : गली-मोहल्लों में लग रही साक्षरता कक्षाएं
महासमुंद जिले में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत वयस्कों को साक्षर बनाने के लिए गली-मोहल्लों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। 15 अगस्त को उल्लास डिजिटल शपथ कार्यक्रम के जरिए लोगों को साक्षरता अभियान से जोड़ने की पहल की जाएगी।
प्रकाशित: 08 Aug 2026, 07:01 PM· अपडेट: 21 Sep 2026, 01:53 AM
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
भारत सरकार के उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में असाक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने का अभियान लगातार जारी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाने के साथ उन्हें दैनिक जीवन में जरूरी गणितीय ज्ञान और डिजिटल जानकारी से भी जोड़ा जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को आयोजित होने वाले उल्लास महा-चौपाल को लेकर जिले में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को साक्षरता कार्यक्रम से जोड़ना और डिजिटल माध्यमों के जरिए समाज की भागीदारी बढ़ाना है।
गली-मोहल्लों में लग रही साक्षरता कक्षाएं
महासमुंद विकासखंड के ग्राम चिंगरौद और सरायपाली विकासखंड के छिर्रापाली में उल्लास साक्षरता केंद्रों के माध्यम से शिक्षण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। शिक्षार्थियों को केंद्र तक आने में परेशानी न हो, इसके लिए उनकी सुविधा के अनुसार अब गली-मोहल्लों में ही कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इन कक्षाओं में वयस्क शिक्षार्थियों को केवल अक्षर पहचान तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें पढ़ने, लिखने और रोजमर्रा के कामों में उपयोग होने वाले गणितीय कौशल की जानकारी भी दी जा रही है। इससे वे अपने दैनिक कार्यों को अधिक आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ पूरा कर सकें।
सरल तरीके से दी जा रही शिक्षा
साक्षरता केंद्रों में शिक्षार्थियों की जरूरत और सीखने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए सरल और व्यवहारिक तरीके से पढ़ाई कराई जा रही है। स्थानीय शिक्षक, स्वयंसेवी शिक्षक और समुदाय के लोग मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं।
15 अगस्त को होगा डिजिटल शपथ कार्यक्रम
उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 अगस्त को ध्वजारोहण के बाद जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में उल्लास डिजिटल शपथ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें शिक्षक, विद्यार्थी, एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड के सदस्य अपने मोबाइल में उल्लास एप डाउनलोड कर अपने परिवार या आसपास के कम से कम एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प लेंगे। इस अभियान की थीम मेरा राज्य साक्षर राज्य/आजादी का असली उल्लास, जन-जन का विकास रखी गई है। इसके माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि समाज का हर व्यक्ति जब शिक्षा और साक्षरता से जुड़ेगा, तभी देश का वास्तविक विकास संभव होगा।