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बागबाहरा NH-353 सड़क पर गड्ढे
महासमुंद

NH-353 बदहाल : 8 महीने में ही उखड़ी सड़क, गहरे गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा

बागबाहरा शहर से गुजरने वाले NH-353 मार्ग की हालत फिर खराब हो गई है। आठ से दस माह पहले कराई गई मरम्मत के बाद भी सड़क पर दोबारा गहरे गड्ढे उभर आए हैं और डामर की परत उखड़ने लगी है। बारिश में पानी भरने से ये गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए एनएच विभाग से तत्काल निरीक्षण, सुधार कार्य और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
28 Jul 2026, 01:27 PM
बागबाहरा
नगर के भीतर से गुजरने वाले एनएच-353 मार्ग की बदहाल स्थिति एक बार फिर एनएच विभाग की कार्यप्रणाली और सड़क निर्माण व मरम्मत की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। महज आठ से दस माह पहले जिन स्थानों पर सड़क की रिपेयरिंग कराई गई थी, वहां अब दोबारा गड्ढे उभरने लगे हैं और कई जगह मरम्मत की गई डामर की परत भी उखड़ने लगी है।
सड़क की दुर्दशा का हाल यह है कि एनएच मार्ग के बीचों-बीच कई स्थानों पर करीब एक-एक फीट तक गहरे गड्ढे बन चुके हैं। दिन के उजाले में तो वाहन चालक किसी तरह इन गड्ढों से बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। कई बार वाहन चालक अचानक गड्ढों में गिरकर अपना संतुलन खो बैठते हैं और गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।

बारिश में बढ़ जाती है दुर्घटना की आशंका

इन गड्ढों की गंभीरता बारिश के दौरान और बढ़ जाती है। बारिश होते समय जब गड्ढों में पानी भर जाता है तो वाहन चालकों को उनकी गहराई और वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पाता। अचानक वाहन गहरे गड्ढे में गिरने से दोपहिया वाहन चालक संतुलन खो सकते हैं और गंभीर रूप से घायल होने का खतरा बना रहता है। अंधेरे और बारिश के दौरान गड्ढे दिखाई नहीं देने से दुर्घटनाओं की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। कई स्थानों पर सड़क की मरम्मत भी असमान तरीके से की गई है। डामर की पट्टियां ऊंची-नीची होने के कारण दोपहिया वाहन चलते समय अचानक एक ओर से दूसरी ओर लहराने लगते हैं। इससे वाहन का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है। वहीं, गड्ढों के कारण छोटे वाहनों और कारों को भी नुकसान पहुंच रहा है। छोटे वाहनों के पहियों, सस्पेंशन और अन्य हिस्सों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
NH-353 की खराब सड़क

गड्ढों में जमा पानी से राहगीरों को परेशानी 

कई जगह सड़क पर बने गड्ढे अब नालियों का रूप ले चुके हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है। ऐसे में जब कोई कार या अन्य वाहन वहां से गुजरता है तो गड्ढों का गंदा पानी सड़क किनारे चल रहे लोगों के ऊपर जा गिरता है। कई बार राहगीरों के चेहरे और कपड़े तक गंदे पानी से भर जाते हैं। सड़क की यह स्थिति आम लोगों के लिए परेशानी के साथ-साथ विभागीय लापरवाही का भी प्रमाण बन चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच मार्ग की खराब स्थिति को लेकर कई बार प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की गईं। रिपेयरिंग में बरती जा रही लापरवाही और सड़क की लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान भी आकर्षित कराया गया, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब स्थिति यह है कि रिपेयरिंग के आठ से दस माह के भीतर ही सड़क फिर से टूटने लगी है और कई स्थानों पर दोबारा मरम्मत की जरूरत पड़ गई है।

सड़क की गुणवत्ता पर उठ रहे गंभीर सवाल

नगरवासियों का कहना है कि बागबाहरा शहर के भीतर से गुजरने वाली एनएच सड़क की स्थिति अपने आप में विभागीय कार्यप्रणाली की पोल खोल रही है। जिस सड़क की मरम्मत को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ, वह फिर से गड्ढों में तब्दील होने लगी है। ऐसे में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों का आरोप है कि यदि मरम्मत कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया गया होता और अधिकारियों द्वारा कार्य की सही निगरानी की गई होती तो इतनी कम अवधि में सड़क दोबारा खराब नहीं होती। बार-बार मरम्मत के बावजूद सड़क का उखड़ना ठेकेदार की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि यह स्थिति लापरवाही और खराब प्रबंधन का परिणाम है।

तत्काल निरीक्षण और सुधार की मांग 

नगरवासियों ने एनएच विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि सड़क की वर्तमान स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। एक-एक फीट तक गहरे गड्ढों को जल्द भरा जाए और ऊंची-नीची व असमान डामर पट्टियों को दुरुस्त कराया जाए। साथ ही पूर्व में कराए गए रिपेयरिंग कार्य की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि बारिश के दौरान छिपे गड्ढों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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