छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने इस नई प्रणाली पर आपत्ति जताते हुए विभाग को आंदोलन की चेतावनी दी है। शिक्षकों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में कई व्यावहारिक परेशानियां सामने आ रही हैं, जिनका समाधान किए बिना इसे लागू करना उचित नहीं है।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि VSK ऐप में कई तकनीकी समस्याएं मौजूद हैं।
इसके चलते शिक्षकों को हर दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐप की खामियों का खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है, जबकि तकनीकी दिक्कतों की जिम्मेदारी शिक्षकों पर नहीं डाली जानी चाहिए।
पहले व्यवस्था सुधारने की मांग
संघ का कहना है कि ऑनलाइन अटेंडेंस लागू करने से पहले विभाग को ऐप और पूरी प्रक्रिया की कमियों को दूर करना चाहिए। शिक्षकों ने मांग की है कि तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया आसान और सुचारू हो सके। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने साफ किया है कि यदि जल्द ही ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के शिक्षक आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। संघ लगातार विभाग से इस मामले में जल्द निर्णय लेने और शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने की मांग कर रहा है।DPI का नया निर्देश जारी
इधर, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने राज्य के सभी संभाग संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि जुलाई महीने का वेतन शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर तैयार किया जाएगा। DPI के इस निर्देश के बाद शिक्षा विभाग में नई व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।