मलेरिया का असर अब कवर्धा और बिलासपुर के ग्रामीण अंचलों तक फैल गया है:
कवर्धा: बैगा बहुल गाँव मुड़वाही और आसपास के क्षेत्रों में बीते दो हफ्तों से बुखार और संक्रमण का प्रकोप जारी है। स्वास्थ्य विभाग की जाँच में अब तक 40 से 45 मरीजों में मलेरिया पाया गया है। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गाँव में 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसे विभाग ने फिलहाल आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया है।
बिलासपुर: कोटा क्षेत्र में मलेरिया से पीड़ित एक 37 वर्षीय महिला की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, एक 17 वर्षीय छात्र की जान जाने के पीछे भी 'फाल्सीपेरम मलेरिया' का संदेह जताया जा रहा है।
कागजी आँकड़े बनाम ज़मीनी हकीकत
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बीमारी के नियंत्रण में होने का दावा करते हैं, तो दूसरी तरफ धरातल की तस्वीरें इसके विपरीत कहानी बयान कर रही हैं।
| वर्ष | वार्षिक परजीवी दर (API) | मौतों की संख्या |
| 2000 | 16.80 | 63 |
| 2020 | 1.17 | - |
| 2025 | 0.90 | 12 |
बढ़ते मामलों को देखते हुए वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य अमले को सक्रिय कर दिया गया है। रोकथाम के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
घर-घर जाकर मलेरिया की रैपिड स्क्रीनिंग।
मरीजों को मौके पर ही दवाइयों का वितरण।
ग्रामीणों को बचाव और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए शिविरों का आयोजन।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान:
"प्रदेश के सभी प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग को संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए सघन जाँच के निर्देश दिए गए हैं। जहाँ भी मामले सामने आ रहे हैं, वहाँ तत्काल इलाज की व्यवस्था की जा रही है।" -श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री, छत्तीसगढ़