प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ झारखंड के युवाओं का फूटा गुस्सा अब राज्य में बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक भूचाल का रूप ले चुका है। सोमवार को राजधानी रांची में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों पर हुए पुलिसिया एक्शन के बाद मंगलवार सुबह से ही सियासी हलचल तेज हो गई है। छात्रों के समर्थन में और पुलिस कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आज पूरे झारखंड में ‘बंद’ का आह्वान किया है। इसके मद्देनजर राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सोमवार को अपनी मुख्य मांगों—विशेषकर भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की सीबीआई (CBI) जांच—को लेकर हजारों की संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे थे।

प्रदर्शनकारी नेता देवेंद्र की बिगड़ी तबीयत
जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। स्थिति तब बिगड़ गई जब उग्र प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसी दौरान मांगों को लेकर अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
विपक्षो ने राज्य सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
मौके पर मौजूद सहयोगियों और प्रशासन की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद से ही छात्रों में आक्रोश और गहरा गया है।सोमवार के घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी के राज्यव्यापी बंद के ऐलान को देखते हुए संवेदनशील इलाकों, चौराहों और मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
आंदोलनकारी छात्रों का संघर्ष जारी
प्रशासन किसी भी तरह की अनहोनी या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। दूसरी ओर, आंदोलनकारी छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।