Thursday, 06 Aug 2026 भारत
ब्रेकिंग
भिलाई में बाहरी लोगों को बनाते थे निशाना, अपहरण-लूट मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेजों से जमीन सौदे का आरोप, 7 लाख रुपए हड़पने पर मामला दर्ज लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी बीएड छात्रा, बहन ने पार्टनर पर लगाया ये गंभीर आरोप APL रायपुर प्लांट में बड़ा हादसा, काम के दौरान गिरी क्रेन, एक कर्मचारी घायल तीन मंदिरों में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो सगे भाइयों समेत चार आरोपी गिरफ्तार सड़क हादसा : अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की मौत, दो अन्य ने भी तोड़ा दम भिलाई में बाहरी लोगों को बनाते थे निशाना, अपहरण-लूट मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेजों से जमीन सौदे का आरोप, 7 लाख रुपए हड़पने पर मामला दर्ज लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी बीएड छात्रा, बहन ने पार्टनर पर लगाया ये गंभीर आरोप APL रायपुर प्लांट में बड़ा हादसा, काम के दौरान गिरी क्रेन, एक कर्मचारी घायल तीन मंदिरों में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो सगे भाइयों समेत चार आरोपी गिरफ्तार सड़क हादसा : अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की मौत, दो अन्य ने भी तोड़ा दम
W 𝕏 f
होम सेहत सोशल मीडिया न्यूट्रिशन ट्रेंड से सावधान, हर वायरल…
पेट की जलन और पाचन समस्या का चित्र
पेट की जलन और पाचन समस्या का चित्र
सेहत

सोशल मीडिया न्यूट्रिशन ट्रेंड से सावधान, हर वायरल सलाह नहीं होती वैज्ञानिक

सोशल मीडिया पर न्यूट्रिशन से जुड़ी कई ऐसी बातें तेजी से वायरल होती हैं, जिनका वैज्ञानिक आधार नहीं होता। क्लोरोफिल ड्रॉप से डिटॉक्स, जरूरत से ज्यादा प्रोटीन, सीड ऑयल को जहर बताना, कार्ब्स से डरना और ग्लूटेन को हर किसी के लिए नुकसानदायक मानना जैसे कई दावे सिर्फ भ्रम हैं। एक्सपर्ट के अनुसार संतुलित डाइट, पर्याप्त पोषण और सही जानकारी ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
06 Aug 2026, 06:30 PM
नई दिल्ली

आज के समय में सोशल मीडिया पर हेल्थ और न्यूट्रिशन से जुड़ी कई ऐसी बातें वायरल हो रही हैं, जिनमें आधी-अधूरी जानकारी होती है। अच्छी लाइटिंग और भरोसेमंद अंदाज में पेश किए गए वीडियो लोगों को आसानी से प्रभावित कर देते हैं, लेकिन हर दावा वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होता। कई लोग मानते हैं कि पानी में क्लोरोफिल ड्रॉप डालकर पीने से शरीर के टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं। जबकि क्लोरोफिल पौधों को हरा रंग देने वाला तत्व है। इसका सेवन करने से लिवर की सफाई या शरीर का डिटॉक्स होने का दावा वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं है। मैग्नीशियम शरीर के लिए जरूरी मिनरल है, जो नींद, मांसपेशियों और मूड को प्रभावित करता है। हालांकि सामान्य संतुलित आहार लेने वाले लोगों में इसकी कमी होना आम नहीं है।

मैग्नीशियम सप्लीमेंट को लेकर भ्रम

बिना जरूरत रोजाना मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेना हमेशा फायदेमंद नहीं होता। सनफ्लॉवर और कैनोला जैसे सीड ऑयल को लेकर सोशल मीडिया पर इन्हें नुकसानदायक बताया जाता है। हालांकि इंसानों पर किए गए मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण यह साबित नहीं करते कि सामान्य मात्रा में इन तेलों का इस्तेमाल शरीर के लिए हानिकारक है। कई बार इंटरनेट पर सिर्फ ट्रेंड बदलते हैं, वैज्ञानिक तथ्य नहीं। सोशल मीडिया पर ज्यादा प्रोटीन लेने को लेकर लोगों में दबाव बढ़ गया है। जबकि हर व्यक्ति को अलग मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है, जो उसकी उम्र, शारीरिक गतिविधि और लक्ष्य पर निर्भर करती है। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से बिना मेहनत के मसल्स नहीं बनतीं।

gut health intestine stomach
पेट की जलन, गैस और अपच को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी।

गट हेल्थ के नाम पर सप्लीमेंट का प्रचार

गट हेल्थ को लेकर इंटरनेट पर कई दावे किए जाते हैं, जहां हर समस्या का समाधान प्रोबायोटिक सप्लीमेंट को बताया जाता है। जबकि अच्छी गट हेल्थ के लिए फाइबर युक्त भोजन, संतुलित डाइट, नींद और सही जीवनशैली ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। कोई भी सप्लीमेंट कुछ दिनों में पुरानी समस्याओं को खत्म नहीं कर सकता।

कार्ब्स को लेकर गलत धारणा

कई लोग मानते हैं कि शाम के बाद कार्बोहाइड्रेट खाने से वजन तेजी से बढ़ता है। जबकि शरीर के लिए कार्ब्स का समय नहीं, बल्कि पूरे दिन में ली गई कुल मात्रा ज्यादा मायने रखती है। रात में खाई गई रोटी भी पाचन के बाद उसी तरह काम करती है जैसे दिन में खाया गया भोजन। आजकल कई लोग फलों को भी चीनी की तरह मानकर उनसे दूरी बनाने लगे हैं। जबकि फलों में प्राकृतिक शुगर के साथ फाइबर, विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। आम और केले जैसे फलों को बिना वजह डाइट से हटाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं है।

ग्लूटेन फ्री डाइट का बढ़ता ट्रेंड

ग्लूटेन फ्री डाइट सीलिएक डिजीज या ग्लूटेन इनटॉलरेंस वाले लोगों के लिए जरूरी है। लेकिन हर स्वस्थ व्यक्ति के लिए ग्लूटेन छोड़ना सही नहीं है। बिना वजह ग्लूटेन फ्री प्रोडक्ट अपनाने से कम फाइबर और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड का सेवन बढ़ सकता है।

वायरल हेल्थ वीडियो पर आंख बंद करके भरोसा न करें

सोशल मीडिया पर 15 सेकेंड की वीडियो तेजी से फैल सकती है, लेकिन स्वास्थ्य से जुड़ा हर दावा सही नहीं होता। किसी भी डाइट या सप्लीमेंट को अपनाने से पहले वैज्ञानिक जानकारी और विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश राजनीति
मनोरंजन
खेल
क्रिकेट
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें