24 Hours Fast: वजन कम करने के लिए आजकल कई लोग फास्टिंग यानी उपवास का सहारा लेते हैं। खासकर 24 घंटे का उपवास (24 Hours Fast) इंटरमिटेंट फास्टिंग का एक लोकप्रिय तरीका बन चुका है। इसे Eat-Stop-Eat Approach भी कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति एक दिन तक ठोस भोजन नहीं करता और केवल पानी या बिना कैलोरी वाले पेय पदार्थों का सेवन करता है। हालांकि, सवाल यह है कि आखिर 24 घंटे तक खाना न खाने पर शरीर के अंदर क्या बदलाव होते हैं? क्या इससे वास्तव में वजन कम होता है या इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं? आइए जानते हैं शरीर पर पड़ने वाले असर के बारे में।
24 घंटे के उपवास के दौरान शरीर में क्या बदलाव होते हैं?
हमारे शरीर को काम करने के लिए लगातार ऊर्जा की जरूरत होती है। यह ऊर्जा मुख्य रूप से ग्लूकोज से मिलती है, जो कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों जैसे अनाज, फल, सब्जियां और डेयरी उत्पादों से प्राप्त होता है। जब हम खाना खाते हैं तो शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को ग्लाइकोजन के रूप में लिवर और मांसपेशियों में जमा कर लेता है। लेकिन जब लंबे समय तक खाना नहीं मिलता, तो शरीर इस जमा ऊर्जा का इस्तेमाल करना शुरू कर देता है।
24 घंटे फास्टिंग में शरीर का बदलाव
लगभग 18 से 24 घंटे के उपवास के दौरान लिवर में जमा ग्लाइकोजन धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसके बाद शरीर ऊर्जा के लिए वसा का इस्तेमाल करने लगता है। इस प्रक्रिया में शरीर खुद ग्लूकोज बनाने की कोशिश करता है, जिसे ग्लूकोनियोजेनेसिस कहा जाता है। अगर लंबे समय तक भोजन नहीं लिया जाए तो शरीर ऊर्जा बचाने के लिए मेटाबॉलिज्म को धीमा कर सकता है और ज्यादा समय तक उपवास करने पर मांसपेशियों पर भी असर पड़ सकता है।
क्या 24 घंटे का उपवास वजन कम करने में मदद करता है?
24 घंटे की फास्टिंग वजन कम करने का एक तरीका हो सकती है क्योंकि इससे कुल कैलोरी का सेवन कम हो जाता है। कई लोग हफ्ते में एक या दो दिन उपवास करके अपनी कैलोरी इनटेक को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, वजन घटाने के लिए सिर्फ उपवास ही जरूरी नहीं है। रोजाना संतुलित डाइट के साथ कैलोरी की मात्रा कम करना भी प्रभावी तरीका हो सकता है।
कुछ शोधों में यह सामने आया है कि लंबे समय तक फास्टिंग को बनाए रखना कई लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। वहीं कुछ लोगों में उपवास खत्म करने के बाद ज्यादा खाना खाने की आदत भी देखी जा सकती है।
24 घंटे उपवास करने के संभावित फायदे
- वजन नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
- शरीर में इंसुलिन और ब्लड शुगर लेवल को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है।
- खून में मौजूद फैट (ब्लड लिपिड) के स्तर में सुधार हो सकता है।
- शरीर में सूजन (Inflammation) को कम करने में मदद मिल सकती है।
किन लोगों को 24 घंटे का उपवास नहीं करना चाहिए?
हर व्यक्ति के लिए 24 घंटे की फास्टिंग सुरक्षित नहीं होती। कुछ लोगों को इससे परेशानी हो सकती है, जैसे:
- डायबिटीज से पीड़ित लोग।
- जिन लोगों को खाने से जुड़े विकार (Eating Disorder) की समस्या रही हो।
- ऐसे लोग जो ऐसी दवाएं लेते हैं जिन्हें भोजन के साथ लेना जरूरी होता है।
- बच्चे और कम उम्र के लोग।
- गर्भवती महिलाएं या स्तनपान कराने वाली महिलाएं।
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक फास्टिंग करना चाहता है तो पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर होता है।
उपवास के दौरान पानी पीना क्यों जरूरी है?
फास्टिंग के दौरान शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने, पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाए रखने और शरीर के अंगों के सही कामकाज में मदद करता है। कम पानी पीने से कमजोरी, चक्कर या थकान जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।
उपवास खत्म करने के बाद क्या खाएं?
24 घंटे के उपवास के बाद अचानक ज्यादा खाना खाने से बचना चाहिए। शरीर को सामान्य स्थिति में लाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:-
- सबसे पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें।
- खाने को अच्छी तरह चबाकर खाएं।
- ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना लें।
- उपवास खत्म होते ही बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन करने से बचें।
निष्कर्ष
24 घंटे की फास्टिंग कुछ लोगों के लिए वजन नियंत्रण और स्वास्थ्य सुधार का एक विकल्प हो सकती है, लेकिन यह हर किसी के लिए सही तरीका नहीं है। शरीर की स्थिति, उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ही उपवास करना चाहिए। अगर आपका उद्देश्य वजन कम करना है तो किसी भी तरह की फास्टिंग या डाइट प्लान शुरू करने से पहले हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

