Panna News: पन्ना जिले की ग्राम पंचायत खोरा के मजरा दानीपुरवा से सरकारी विकास और प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में अब तक पक्का श्मशान घाट नहीं बन पाया है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को एक परिवार के अंतिम संस्कार के दौरान उठाना पड़ा।
सेवानिवृत्त शिक्षक चुनवाद सिंह की छोटी बहू के निधन के बाद ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए निकले। गांव में श्मशान घाट की पक्की व्यवस्था नहीं होने के कारण खुले मैदान में ही चिता तैयार करनी पड़ी। ग्रामीण अंतिम संस्कार की तैयारी कर ही रहे थे कि मौसम अचानक बिगड़ गया।
तेज बारिश ने बढ़ाई मुश्किल
चिता की तैयारी के बीच अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश से शव और चिता को बचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया। ऐसे में उन्होंने आनन-फानन में प्लास्टिक की पन्नी और तिरपाल लगाकर अस्थायी छांव तैयार की।
तिरपाल के नीचे पूरा हुआ अंतिम संस्कार
बारिश के बीच ग्रामीणों ने काफी मशक्कत की। तिरपाल की अस्थायी छांव के नीचे किसी तरह चिता को बारिश से बचाया गया और घंटों की परेशानी के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो सकी। इस दौरान ग्रामीणों को मौसम के साथ-साथ बुनियादी सुविधा के अभाव से भी जूझना पड़ा।वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में बारिश के बीच ग्रामीणों द्वारा तिरपाल की मदद से अंतिम संस्कार की व्यवस्था करते हुए देखा जा रहा है। घटना को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी है।
सरपंच और प्रशासन के खिलाफ जताया विरोध
ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि गांव में लंबे समय से पक्के श्मशान घाट और टीन शेड की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया।जल्द निर्माण नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गांव में पक्का श्मशान घाट और टीन शेड का निर्माण नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी लोगों को बारिश और खुले आसमान के बीच व्यवस्था करने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए।

