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पीएम मोदी से मिले सीएम विष्णु देव साय
पीएम मोदी से मिले सीएम विष्णु देव साय
रायपुर

PM मोदी से मिले सीएम विष्णु देव साय, बस्तर विजन और विकास परियोजनाओं पर हुई अहम चर्चा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास और ‘बस्तर विजन’ पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने राजनांदगांव की ₹10,500 करोड़ की यूरिया परियोजना, 461 गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ने और रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना के लिए केंद्र से सहयोग मांगा।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
01 Aug 2026, 01:11 PM
रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से बस्तर के बदलते स्वरूप, राज्य की अधोसंरचना परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश और जनकल्याण योजनाओं की जानकारी देते हुए कई अहम प्रस्तावों के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को वर्ष 2027 में रायपुर में आयोजित होने वाले प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

बस्तर के विकास का रखा विस्तृत रोडमैप 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के सामने ‘बस्तर विजन’ का विस्तृत खाका प्रस्तुत करते हुए कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की रणनीति के सकारात्मक परिणाम अब बस्तर में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा यह इलाका अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, बिजली, पर्यटन, खेल और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य इस बदलाव को स्थायी बनाते हुए बस्तर को विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ना है। 

यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आग्रह 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है और राज्य स्तर की आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी हैं। उनके अनुसार इस परियोजना से किसानों को उर्वरक की बेहतर उपलब्धता होगी, साथ ही निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

461 गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ने की मांग 

मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित संवेदनशील क्षेत्रों के उन 461 गांवों का मुद्दा भी उठाया, जहां अभी ऑफ-ग्रिड व्यवस्था के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने इन गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहायता की मांग की। उनका कहना था कि नियमित बिजली पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और स्थानीय रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। 

बस्तर विजन पर पीएम मोदी से चर्चा करते सीएम साय

आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव 

मुख्यमंत्री ने रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान की समृद्ध विरासत मौजूद है। ऐसे संस्थान की स्थापना से चिकित्सा, अनुसंधान, शिक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

5,542 गांवों तक पहुंच रही सरकारी योजनाएं 

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसी योजनाओं के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। इससे करीब 39 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। राशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास, वनाधिकार और अन्य योजनाओं की पहुंच दूरस्थ क्षेत्रों तक बढ़ने से लोगों का शासन पर भरोसा मजबूत हुआ है। 

शिक्षा और स्वास्थ्य में हुए बदलाव 

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। साथ ही ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है। वहीं मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और गीदम में मेडिकल कॉलेज के जरिए चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

सड़क, रेल और पर्यटन पर विशेष जोर 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि लगभग 3,513 करोड़ रुपये की लागत वाली जगदलपुर–रावघाट रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। इसके अलावा रायपुर–विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे, इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज और जगदलपुर से हवाई सेवाओं के विस्तार की भी जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन पहचान दिलाने और चित्रकोट व तीरथगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों के विकास पर भी राज्य सरकार काम कर रही है। 

खेल और उद्योग में नए अवसर 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में चार लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनाया है। वहीं नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य को करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बीपीओ, गारमेंट और चॉकलेट निर्माण जैसे नए क्षेत्रों में भी निवेश आने लगा है।

महिलाओं के सशक्तिकरण और एआई मिशन पर चर्चा 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य में 10.42 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और अगले चरण में 14 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। 

वित्तीय सुधार और सुशासन की जानकारी 

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में जीएसटी संग्रह में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और खनिज राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही डिजिटल रजिस्ट्री, स्वतः नामांतरण और वीडियो केवाईसी जैसी व्यवस्थाओं से नागरिकों को सरकारी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी तरीके से मिल रही हैं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास परियोजनाओं को और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और छत्तीसगढ़ को शांति, समृद्धि तथा निवेश के नए मॉडल के रूप में स्थापित करना है।
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