PM Modi US Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी अमेरिका दौरे को लेकर कूटनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस साल के अंत में पीएम मोदी एक बार फिर अमेरिका की यात्रा पर जा सकते हैं। इस दौरे का मुख्य केंद्र दिसंबर में फ्लोरिडा में आयोजित होने वाला G20 शिखर सम्मेलन होगा, जहां उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हो सकती है। हालांकि, विदेश मंत्रालय की तरफ से इस यात्रा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मियामी में जुटेगा दिग्गजों का जमावड़ा
इस बार G20 लीडर्स समिट का आयोजन 14 और 15 दिसंबर को फ्लोरिडा के मियामी स्थित 'ट्रंप नेशनल डोरल' में होना तय हुआ है, जिसकी मेजबानी खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। अगर प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन में शामिल होते हैं, तो फरवरी 2025 के बाद यह उनकी पहली अमेरिकी यात्रा होगी।
मोदी-ट्रंप बैठक पर टिकीं दुनिया भर की निगाहें
G20 सम्मेलन के इतर पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक अलग द्विपक्षीय बैठक की पुरजोर संभावना जताई जा रही है। वैश्विक व्यापार, रक्षा समझौते, आधुनिक तकनीक और रणनीतिक साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर दोनों देशों के बीच हमेशा से चर्चा होती रही है। इससे पहले जून 2026 में फ्रांस में हुए G7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी, जहां ऊर्जा और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर सहमति बनी थी। अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर ने भी हाल ही में संकेत दिए थे कि G20 के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं की बैठक लगभग तय मानी जा रही है और आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय बातचीत का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।UNGA में जयशंकर करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
एक तरफ जहां पीएम मोदी के संभावित अमेरिका दौरे की चर्चा है, वहीं दूसरी ओर न्यूयॉर्क में चल रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में वे हिस्सा नहीं ले रहे हैं। इस बार भारतीय प्रतिनिधिमंडल की कमान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हाथों में है, जो 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र के उच्चस्तरीय सत्र को संबोधित करेंगे।
कनाडा यात्रा के भी संकेत
अमेरिकी दौरे के तुरंत बाद पीएम मोदी के कनाडा जाने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने खुद दिसंबर में पीएम मोदी की संभावित कनाडा यात्रा का जिक्र किया है। हालांकि, कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों ही देशों की यात्राओं की सटीक तस्वीर भारत सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ हो पाएगी।

