भिलाई में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा और म्यूल अकाउंट के जरिए संचालित नेटवर्क पर सुपेला पुलिस ने एक और अहम कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी सट्टा गिरोह को बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल अवैध लेन-देन में किया जाता था।
आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस के मुताबिक, 24 मई 2026 को सूचना मिली थी कि जगदलपुर से कुछ लोग सुपेला क्षेत्र में बैंक खाते और उनसे जुड़े दस्तावेज बेचने आने वाले हैं।
पूछताछ में हुआ बड़े नेटवर्क का खुलासा
शुरुआती जांच में सामने आया कि इन खातों का उपयोग ऑनलाइन आईपीएल सट्टे और म्यूल अकाउंट के जरिए अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जाना था। सूचना के आधार पर सुपेला पुलिस ने पांच रास्ता हनुमान मंदिर ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर तीन संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम जानकारियां पुलिस को दीं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते, कारोबारी खाते, पासबुक तथा एटीएम कार्ड सुपेला निवासी विशाल गुप्ता सहित अन्य लोगों को उपलब्ध कराते थे। बदले में उन्हें रकम मिलती थी और इन खातों का उपयोग ऑनलाइन सट्टे से जुड़े पैसों के लेन-देन में किया जाता था।उतई निवासी आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़ा
मामले की शुरुआती जांच के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, लेकिन एक आरोपी लगातार फरार था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। इसी अभियान के दौरान पुलिस ने उतई के आदर्श नगर निवासी दुलेश्वर कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज सट्टा गिरोह तक पहुंचाकर आर्थिक लाभ कमाता था।
ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में किया जाता था, जिनके माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर अपराध से जुड़े पैसों का लेन-देन किया जाता है। पुलिस पहले ही बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त कर चुकी है। अब जांच इस दिशा में आगे बढ़ाई जा रही है कि इन खातों के जरिए कितनी रकम का लेन-देन हुआ और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही।