बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और अपने अनोखे अंदाज के लिए जाने जाने वाले तेज प्रताप यादव अब पूरी तरह से अपने 'परिवार' और पार्टी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इसी बीच, उन्होंने एक बड़ा सियासी कदम उठाते हुए अपनी सरकारी सुरक्षा व्यवस्था बिहार सरकार को वापस कर दी है।
दिलचस्प बात यह है कि तेज प्रताप की सुरक्षा में केवल एक सिपाही तैनात था, जिसे अब उन्होंने स्वेच्छा से छोड़ दिया है।
सोशल मीडिया पर किया एलान, 'एक्स' पर लिखा बड़ा संदेश
अपनी अलग पार्टी 'जनशक्ति जनता दल' के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इस फैसले की आधिकारिक घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर की। उन्होंने सरकार को घेरते हुए लिखा:
"जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री तेज प्रताप यादव जी ने अपनी सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं वापस कर दी हैं। बिहार से बाहर रहने के कारण उन्हें यह सुरक्षा प्राप्त थी, लेकिन बिहार लौटते ही उन्होंने स्वयं अपनी सारी सुरक्षा वापस कर दी है।"
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को किया टैग: "अब जिम्मेदारी सरकार की"
सुरक्षा वापस करने के साथ ही तेज प्रताप यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को टैग करते हुए तीखा तंज कसा।
तेज प्रताप ने लिखा कि लोकतंत्र में विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी और दायित्व है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा:
सुरक्षा की जवाबदेही: "अब ऐसे माहौल में मेरी सुरक्षा और किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जवाबदेही बिहार सरकार की होगी।"
विपक्ष का अधिकार: लोकतंत्र में सरकार को विपक्ष की आवाज और उनकी सुरक्षा का सम्मान करना चाहिए।
क्या हैं इस कदम के सियासी मायने? (ताजा विश्लेषण)
राजनीतिक गलियारों में तेज प्रताप के इस कदम को एक सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है:
| बिंदु | विवरण |
| 'परिवार' के साथ एकजुटता | हाल के दिनों में तेज प्रताप यादव आरजेडी और अपने परिवार के साथ अधिक सक्रिय भूमिका में दिख रहे हैं। सुरक्षा लौटाकर वे जनता के बीच एक 'सुलझे और आम नेता' की छवि मजबूत करना चाहते हैं। |
| सरकार पर दबाव | केवल एक सिपाही की सुरक्षा होने के बावजूद इसे मुद्दा बनाकर उन्होंने कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर नीतीश-सम्राट सरकार को घेरने की कोशिश की है। |
| जनशक्ति जनता दल का वजूद | अपनी इस पार्टी के नाम से पोस्ट शेयर कर उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि वे भले ही परिवार के साथ हैं, लेकिन अपनी राजनीतिक जमीन को भी कमजोर नहीं होने देना चाहते। |
