सवाल : 91 रुपए में 31 जांचों का दावा निकला खोखला, कियोस्क बंद पड़ा
रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए शुरू किया गया हेल्थ कियोस्क सेंटर पिछले 10 दिनों से बंद पड़ा है, जिससे स्वास्थ्य जांच और आपातकालीन सुविधाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। सितंबर 2025 में शुरू हुई इस सुविधा के तहत 31 प्रकार की जांच और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं का दावा किया गया था, लेकिन 8 महीने के भीतर ही व्यवस्था बिगड़ गई।
रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए शुरू की गई सस्ती स्वास्थ्य जांच सुविधा पूरी तरह ठप हो गई है। पिछले 10 दिनों से हेल्थ कियोस्क सेंटर बंद पड़ा है, जिससे यात्रियों को न तो नियमित स्वास्थ्य जांच मिल पा रही है और न ही आपातकालीन सहायता। स्टेशन पर आने-जाने वाले लोग लगातार परेशान हो रहे हैं।
रेलवे प्रशासन ने सितंबर 2025 में रायपुर स्टेशन पर हेल्थ सेंटर की शुरुआत की थी। इसके संचालन के लिए हेल्थ केयर हब मेडिकोज सर्विस को पांच साल का टेंडर दिया गया था। टेंडर मिलने के बाद 9 सितंबर को स्टेशन के गेट क्रमांक-2 पर मेडिकल स्टोर और हेल्थ कियोस्क सेंटर शुरू किया गया था।
8 महीने में ही व्यवस्था चरमराई, जांच सेवाएं बंद
शुरुआत में जिस हेल्थ कियोस्क को यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा बताया गया था, वह मात्र 8 महीने में ही बंद हो गया। टेंडर शर्तों के अनुसार यहां यात्रियों को 31 तरह की स्वास्थ्य जांच और दवाइयों की सुविधा मिलनी थी, लेकिन अब सभी जांच सेवाएं पूरी तरह से बंद हैं। स्वास्थ्य परामर्श कक्ष भी उपयोग में नहीं है। स्टेशन पर जब टीम पहुंची तो प्लेटफॉर्म-1 के गेट नंबर-2 पर स्थित स्वास्थ्य परामर्श कक्ष अंदर से बंद मिला। झांकने पर अंदर का दृश्य स्टोर रूम जैसा नजर आया, जहां टेबल, कुर्सियां और मशीनें तो रखी थीं, लेकिन उनका कोई उपयोग नहीं हो रहा था। मेडिकल स्टोर पर केवल एक युवती मौजूद थी, जिसने बताया कि वह अकेले दुकान संभालती है। उसके अनुसार मशीन खराब होने के कारण हेल्थ कियोस्क में जांच सेवाएं बंद हैं। टेंडर के अनुसार यहां दो फार्मासिस्ट और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती होनी थी, जो नहीं दिखाई दिए।
एंबुलेंस सेवा भी गायब, इमरजेंसी व्यवस्था फेल
टेंडर की शर्तों में एक एंबुलेंस की व्यवस्था भी अनिवार्य थी ताकि आपात स्थिति में मरीज को उच्च चिकित्सा संस्थान भेजा जा सके। लेकिन मौके पर न तो एंबुलेंस दिखाई दी और न ही कोई इमरजेंसी सपोर्ट व्यवस्था सक्रिय मिली।
मेडिकल स्टोर के बाहर लगे बोर्ड में मात्र 91 रुपए में 31 प्रकार की जांच का दावा किया गया है, जिसमें बीपी, शुगर, ईसीजी, कोलेस्ट्रॉल, ऑक्सीजन सैचुरेशन सहित कई जांचें शामिल बताई गई थीं।
लेकिन वास्तविक स्थिति यह है कि फिलहाल केवल बीपी, शुगर, पल्स और तापमान की ही सीमित जांच उपलब्ध है। बाकी सभी सुविधाएं पूरी तरह बंद पड़ी हैं।
यात्रियों की सुविधा पर सवाल
हेल्थ कियोस्क की यह स्थिति रेलवे प्रशासन और टेंडर संचालन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यात्रियों के लिए बनाई गई यह सुविधा अब केवल दिखावे तक सीमित रह गई है, जिससे लोगों को मजबूरी में निजी स्वास्थ्य सेवाओं का सहारा लेना पड़ रहा है।