कहते हैं कि स्वच्छता में ही ईश्वर का वास होता है, लेकिन नगर पालिका मंदिर हसौद के बड़ी बाजार की स्थिति इस कहावत को चुनौती देती नजर आ रही है। मुख्य बाजार की सड़कों पर जगह-जगह फैले कचरे के ढेर और उससे उठ रही दुर्गंध ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों का जीवन मुश्किल कर दिया है।
हालात ऐसे हैं कि गंदगी के कारण क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। बड़ी बाजार को मंदिर हसौद का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र माना जाता है, जहां रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। यही बाजार नगर पालिका के लिए राजस्व का महत्वपूर्ण स्रोत भी है।
इसके बावजूद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर फैले कचरे और दुर्गंध के कारण उन्हें नाक ढंककर गुजरना पड़ रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
व्यापारियों और नागरिकों में बढ़ा आक्रोश
तत्काल सफाई व्यवस्था की मांग
पार्षद और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन तथा उच्च अधिकारियों से मांग की है कि वे मौके का निरीक्षण कर समस्या की गंभीरता को समझें और बाजार क्षेत्र में तत्काल व्यापक सफाई अभियान चलाएं। उनका कहना है कि लोगों को गंदगी और दुर्गंध से जल्द राहत मिलनी चाहिए।
तारणी पिंटू निर्मलकर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जिम्मेदार अधिकारी जल्द कार्रवाई नहीं करते हैं तो जनता को मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी संभावित आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।