छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में प्रेम प्रसंग से जुड़े हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कापू थाना क्षेत्र में एक युवती ने अपने दूसरे प्रेमी के साथ मिलकर पहले प्रेमी की हत्या कर दी थी। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा दी गई थी। मामले में अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने आरोपी युवती को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मामला मार्च 2021 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2 मार्च 2021 को ग्राम भोजपुर के कोटवार नैहर दास ने कापू थाने में सूचना दी थी कि यशोदा उर्फ दशोदा सारथी का प्रेमी देवा उर्फ लखन सिदार निवासी महुआपाली (खरसिया) 1 मार्च की रात भोजपुर आया था। कुछ देर बाद सूचना मिली कि युवक ने अपने शरीर पर मिट्टी तेल डालकर आग लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया हत्या का सच
पुलिस जांच में मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का निकला। जांच में पता चला कि घटना वाली रात देवा अपनी प्रेमिका यशोदा से मिलने पहुंचा था। इसी दौरान वहां यशोदा का दूसरा प्रेमी दुष्यंत यादव भी मौजूद था। दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद यशोदा और दुष्यंत ने मिलकर देवा का गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा दी गई। पुलिस ने यशोदा को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने दुष्यंत यादव के साथ मिलकर हत्या करने और शव जलाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने मामले में मिले साक्ष्यों, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर यशोदा और फरार आरोपी दुष्यंत यादव के खिलाफ धारा 302 और 201 के तहत न्यायालय में चालान पेश किया था।अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा के न्यायाधीश अभिषेक शर्मा की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने यशोदा उर्फ दशोदा सारथी को हत्या का दोषी पाया। अदालत ने आरोपी युवती को आजीवन कारावास की सजा के साथ 1-1 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इसके अलावा मृतक के परिजनों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से 1 लाख रुपये की प्रतिकर राशि दिलाने की अनुशंसा भी की गई है। वहीं मामले में दूसरा आरोपी दुष्यंत यादव अभी फरार बताया जा रहा है।