Raigarh Seed Rakhi: बीज राखियों से पर्यावरण संरक्षण की पहल, कलेक्टर को महिलाओं ने पहनाई बीज राखी
Raigarh Seed Rakhi: रायगढ़ में इस बार रक्षाबंधन पर बीज राखियों के जरिए भाई-बहन के प्रेम के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। बिहान की स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्थानीय बीजों से राखियां तैयार कर रही हैं, जो उपयोग के बाद मिट्टी में दबाने पर पौधे का रूप ले सकती हैं। This पहल से महिलाओं को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय का अवसर भी मिल रहा है।
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कीर्तिमान डेस्क | धनेश्वरी साहू
25 Aug 2026, 01:32 PM
रायपुर
Raigarh Seed Rakhi: रायगढ़ जिले में इस बार रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरियाली का संदेश भी देगा। बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं धान, मक्का, बरबट्टी, लौकी, करेला, सेमी, कुम्हड़ा, भिंडी, उड़द, मसूर और मूंगफली सहित स्थानीय बीजों से आकर्षक बीज राखियां तैयार कर रही हैं। यह नवाचार महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय और स्वरोजगार का नया अवसर भी बन रहा है।
कलेक्टर ने महिलाओं को प्रशस्ति पत्र एवं उपहार देकर किया सम्मानितबीज राखी बनाने वाली महिलाओं का सम्मान
बीज राखी निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए जिले के सातों विकासखंडों में प्रतियोगिता आयोजित कर उत्कृष्ट राखियां तैयार करने वाली महिलाओं का चयन किया गया। चयनित महिलाओं ने जिला कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित अधिकारियों को अपने हाथों से बनाई बीज राखियां पहनाईं। कलेक्टर ने महिलाओं को प्रशस्ति पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप स्व-सहायता समूह की महिलाओं को नवाचार, सशक्तिकरण और आजीविका से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय संसाधनों और हुनर से महिलाएं आय के नए साधन विकसित कर रही हैं।
बीज राखी से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बीज राखियों की विशेषता यह है कि उपयोग के बाद इन्हें मिट्टी में दबाने पर इनमें मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले सकते हैं। कम लागत, आकर्षक डिजाइन और पर्यावरण हितैषी स्वरूप के कारण इनकी मांग बढ़ रही है। इस तरह बीज राखी भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ प्रकृति संरक्षण और हरियाली का सुंदर संदेश भी जन-जन तक पहुंचाएगी। इसे भी पढ़ें... रक्षाबंधन पर प्रकृति से जुड़ाव : रायगढ़ में तैयार हो रही इको-फ्रेंडली बीज राखियां