Raipur News: आंगनबाड़ी का आंगन उस समय खुशियों से भर उठा, जब यहां मातृत्व की नई उम्मीद और बच्चों के जीवन की नई शुरुआत एक साथ उत्सव में बदल गई। वार्ड क्रमांक 6, नई जमीन 4थी बटालियन, माना कैम्प स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-7 में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम’ में गोद भराई और अन्नप्राशन की रस्मों ने पूरे माहौल को भावनाओं, अपनत्व और खुशियों से भर दिया।
कार्यक्रम में गर्भवती माताओं की गोद भराई की रस्म पारंपरिक तरीके से पूरी की गई। इस दौरान उनके आने वाले नन्हे मेहमान के स्वस्थ जीवन और सुखद भविष्य की कामना की गई। वहीं छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। बच्चों को पहली बार अन्न ग्रहण कराते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य, बेहतर पोषण और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
जनप्रतिनिधियों ने निभाई सहभागिता
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 6 की पार्षद उर्मिला चौहान, अंजना चौधरी एवं ममता दास विशेष रूप से शामिल हुईं। उन्होंने गर्भवती माताओं की गोद भराई की रस्म में सहभागिता की और बच्चों के अन्नप्राशन कार्यक्रम में भी शामिल होकर परिवारों की खुशियों को साझा किया। इस अवसर पर माताओं को गर्भावस्था के दौरान खान-पान, स्वास्थ्य और नियमित देखभाल के महत्व की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पारंपरिक रस्मों को पूरा करना नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आंगनबाड़ी केंद्र से परिवारों के जुड़ाव को मजबूत करना भी रहा।

जिम्मेदारी से आगे बढ़कर अपनापन
कार्यक्रम की खासियत केवल गोद भराई और अन्नप्राशन की रस्मों तक सीमित नहीं रही। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बिना मित्र एवं सहायिका सविता ने पूरे आयोजन को आत्मीयता और सेवाभाव के साथ संभाला। माताओं के स्वागत से लेकर बच्चों की देखभाल, कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं तक दोनों की सक्रिय भूमिका रही। आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों के बैठने और पोषण आहार मिलने की जगह नहीं है, बल्कि यह माताओं और बच्चों के लिए भरोसे, देखभाल और अपनत्व का केंद्र भी है। कार्यक्रम के दौरान यह भावना साफ नजर आई।
सेवा करने वालों का भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान भी किया गया। पार्षद उर्मिला चौहान ने उनके कार्यों और समर्पण की सराहना करते हुए कहा, “सेवा ही संकल्प है और जनसेवा ही सर्वोच्च धर्म है।उन्होंने कहा कि बच्चों के पोषण, देखभाल और प्रारंभिक विकास के साथ माताओं को स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सीमित संसाधनों के बीच भी वे लगातार बच्चों और परिवारों के बीच रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं।
