Raisen News: बाल विवाह का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला अस्पताल में 16 वर्षीय नाबालिग बच्ची ने 7 माह के मृत शिशु को जन्म दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल कल्याण समिति (CWC) को सूचना दी, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। 13 साल की उम्र में कर दी गई थी शादी जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची भोपाल के बालमपुर क्षेत्र की रहने वाली है। परिजनों ने उसकी शादी करीब तीन साल पहले, जब वह महज 13 वर्ष की थी, रायसेन जिले के गैरतगंज क्षेत्र के हरदोट गांव में कर दी थी।
कम उम्र में गर्भधारण का असर
बताया जा रहा है कि कम उम्र में शादी के बाद बच्ची को गर्भधारण जैसी गंभीर स्थिति से गुजरना पड़ा। इससे पहले भी करीब एक साल पहले उसका 4 महीने का गर्भपात हो चुका था। लगातार गर्भधारण के कारण नाबालिग के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है।
बाल कल्याण समिति ने शुरू की जांच मामले की जानकारी मिलने के बाद बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आदित्य चावला और सदस्य ममता पटेल जिला अस्पताल पहुंचे।
यह भी पढ़ेंबड़ा फैसला : ग्वालियर में POCSO केस का यू-टर्न, CCTV से खुला सच; जांच अधिकारी पर कार्रवाईPOCSO के तहत कार्रवाई
समिति के सदस्यों ने नाबालिग से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में मामला बाल विवाह और नाबालिग के शोषण से जुड़ा माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) समेत अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।अस्पताल में इलाज जारी
अस्पताल में बच्ची का इलाज जारी जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिल ओड ने बताया कि ड्यूटी डॉक्टर दीपक गुप्ता ने मामले की जानकारी मिलते ही तत्काल बाल कल्याण समिति को सूचना दी थी। फिलहाल नाबालिग का इलाज अस्पताल में जारी है। वहीं पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
