पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने राजीव भवन के बाहर हुई घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला बताते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के संरक्षण में कांग्रेस मुख्यालय पर सुनियोजित तरीके से हमला कराया गया, जिसमें पत्थरबाजी, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले तक चलाए गए।
डॉ. डहरिया ने कहा कि प्रदेश की जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था संभालने वाले मंत्री खुद सड़क पर उतरकर विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे, जबकि पूरी सरकार मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब मंत्री ही आंदोलन करने निकल पड़े थे, तो मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को भी वहीं बुला लेना चाहिए था।
सुनियोजित हमले और पुलिस की भूमिका पर सवाल
सरकार चलाने की बजाय भाजपा विरोध की राजनीति में व्यस्त रही। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता ट्रैक्टर में पत्थर, लाठियां और अन्य सामान लेकर पहुंचे थे तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया। डॉ. डहरिया ने कहा कि इस दौरान पुलिस ने निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस के गोले दागे, जिससे कई लोग घायल हुए। पूर्व मंत्री ने कहा कि नीट पेपर लीक और केंद्र सरकार की विफलताओं के खिलाफ कांग्रेस के आंदोलन से भाजपा पूरी तरह बौखला गई है। जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक विरोध को हिंसा और दमन के जरिए कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।राज्यपाल से जांच और कार्रवाई की मांग
डॉ. डहरिया ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की शपथ लेने वाले मंत्रियों ने स्वयं अपने पद की गरिमा को तार-तार किया है। उन्होंने मांग की कि राज्यपाल पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लें, मंत्रिपरिषद की भूमिका की जांच कराएं और दोषी मंत्रियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें। डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष पहले से अधिक मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा।