छत्तीसगढ़ पंजीयन एवं मुद्रांक अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ का वार्षिक अधिवेशन 18 जुलाई को रायपुर स्थित उमरिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास मायरा रिसोर्ट एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए विभागीय अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। अधिवेशन में संगठन को मजबूत बनाने, वेतन विसंगति दूर करने और तकनीकी समस्याओं के समाधान जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
अधिवेशन में संघ के सदस्यों ने वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में विभाग में हुए बदलावों की सराहना की। सदस्यों का कहना था कि पिछले ढाई वर्षों में पंजीयन विभाग में जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई बड़े सुधार किए गए हैं। इन बदलावों को लागू करने में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
तकनीकी समस्याओं पर उठी आवाज
अधिवेशन में कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चिंता जताई। सदस्यों ने कहा कि पंजीयन विभाग में रोजाना महत्वपूर्ण कानूनी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाते हैं। मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री की मंशा के अनुसार विक्रय विलेख के बाद नामांतरण प्रक्रिया भी तेजी से की जा रही है। इसके बावजूद कर्मचारियों की वेतन विसंगति और अन्य मांगों पर अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संघ ने अधिवेशन में एनआईसी के सॉफ्टवेयर और सर्वर से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार सर्वर डाउन होने या तकनीकी खामियों के कारण पंजीयन कार्य प्रभावित होता है। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है और मैदानी स्तर पर तैनात अधिकारियों को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ता है। संघ ने तकनीकी व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की है।
वीरेंद्र श्रीवास फिर बने अध्यक्ष
संघ के सदस्यों ने वर्तमान अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार श्रीवास के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा निर्विरोध प्रांतीय अध्यक्ष चुना। सदस्यों ने उनसे अपील की कि वे वेतन विसंगति और 50 वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पहल करें और मंत्री ओपी चौधरी व वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर समाधान निकालें। अधिवेशन में संघ ने ‘एक राष्ट्र, एक विधान, एक वेतनमान’ लागू करने का संकल्प लिया। पदाधिकारियों ने कहा कि उप पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) का पद इंडियन रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पूरे देश में समान व्यवस्था से जुड़ा है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ में पंजीयन अधिकारियों का वेतनमान अन्य राज्यों की तुलना में कम है।वेतनमान सुधार की मांग
संघ ने बताया कि मध्य प्रदेश में उप पंजीयकों की वेतन विसंगति को दूर किया जा चुका है। वहीं उत्तर प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में उप पंजीयक पद का वेतनमान डिप्टी कलेक्टर के समकक्ष है। संघ ने छत्तीसगढ़ में भी इसी आधार पर वेतनमान सुधारने की मांग की है। अधिवेशन में पंजीयन एवं मुद्रांक अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें वीरेंद्र श्रीवास को अध्यक्ष, मुकेश अजापाल को सचिव और दिग्विजय चुरेन्द्र कोषाध्यक्ष चुने गए। इसके अलावा विभिन्न पदों पर अन्य पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यक्रम की शुरुआत में संघ के सेवानिवृत्त सदस्यों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं नए सदस्यों का स्वागत भी किया गया। संघ के विस्तार के लिए क्षेत्रीय सचिवों के चुनाव की जिम्मेदारी केंद्रीय अध्यक्ष को सौंपी गई।