कोर्ट आदेश में तेजी, पीड़ित के खाते में वापस पहुंचेगा पैसा
अक्सर ठगी की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस बैंक खाते में पैसे तो होल्ड करा देती है, लेकिन कानूनी पचड़ों और अदालती प्रक्रिया के चलते पीड़ितों को अपनी ही रकम पाने के लिए महीनों चक्कर काटने पड़ते हैं।
धारा 106 की प्रक्रिया तेज: आईजी गर्ग ने निर्देश दिया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 106 (या संबंधित विधिक प्रावधानों) के तहत अदालत से जल्द से जल्द आदेश प्राप्त किए जाएं।
शून्य पेंडेंसी नीति: पुलिस और बैंकों के बीच पत्राचार के स्तर पर कोई भी फाइल या फाइल रिक्वेस्ट अटकी नहीं रहनी चाहिए, ताकि कानूनी औपचारिकताओं के तुरंत बाद रकम सीधे पीड़ित को लौटाई जा सके।
फर्जी सिम बेचने वाले रिटेलर्स पर गिरेगी गाज
साइबर अपराधों में इस्तेमाल हो रहे फर्जी और फर्जी दस्तावेजों पर चालू किए गए सिम कार्ड्स को लेकर भी पुलिस ने शिकंजा कसा है।
POS एजेंटों पर सीधी FIR: संदिग्ध या फर्जी सिम एक्टिवेट करने वाले पॉइंट ऑफ सेल (PoS) एजेंटों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
म्यूल अकाउंट्स पर एक्शन: पुलिस मुख्यालय द्वारा भेजे गए 'म्यूल अकाउंट्स' (दूसरों के नाम पर किराए पर लिए गए बैंक खाते) की सूची के आधार पर कड़ी कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल हथियार होंगे ब्लॉक: ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस, व्हाट्सएप और टेलीग्राम अकाउंट्स को प्राथमिकता से ब्लॉक कराया जाएगा। इसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट सीधे उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
अब हर सामान्य थाने को रोज करना होगा पोर्टल पर लॉगिन
साइबर क्राइम पर लगाम लगाने के लिए बिलासपुर रेंज का पुलिसिंग नेटवर्क अब और अधिक सतर्क होगा:
दैनिक मॉनिटरिंग: अब केवल विशेष साइबर थानों को ही नहीं, बल्कि रेंज के सभी सामान्य थानों को 'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' पर रोजाना अनिवार्य रूप से लॉगिन करना होगा।
उसी दिन शिकायत स्वीकार: पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों को उसी दिन स्वीकार कर तुरंत वैधानिक जांच शुरू करनी होगी।
अपराधियों का डिजिटल डेटाबेस: गिरफ्तार साइबर ठगों की पूरी कुंडली, फिंगरप्रिंट और एफआईआर का ब्योरा राष्ट्रीय समन्वय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।
साइबर वॉलंटियर्स का सहयोग: पंजीकृत साइबर वॉलंटियर्स का सत्यापन कर उन्हें आम जनता को जागरूक करने के अभियानों में जोड़ा जाएगा।
आईजी राम गोपाल गर्ग का संदेश:
"साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई तेज, आधुनिक तकनीक से लैस और पारदर्शी होनी चाहिए। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पुलिसिया कार्रवाई का सीधा और त्वरित लाभ आम जनता तक पहुंचे।"