अगस्त 2026 खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से खास रहने वाला है। इस महीने दो बड़ी घटनाएं होने जा रही हैं। 12 अगस्त को पूर्ण सूर्यग्रहण और 27-28 अगस्त की मध्य रात्रि को आंशिक चंद्रग्रहण लगेगा। हालांकि भारत के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि दोनों ही ग्रहण देश में दिखाई नहीं देंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण और सूतक का प्रभाव उन्हीं स्थानों पर माना जाता है, जहां ग्रहण दिखाई देता है। चूंकि अगस्त में होने वाले दोनों ग्रहण भारत से नजर नहीं आएंगे, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा।
इस दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद नहीं किए जाएंगे। आरती, पूजा-अर्चना, अभिषेक, भोग और प्रसाद वितरण जैसी धार्मिक गतिविधियां सामान्य दिनों की तरह जारी रहेंगी। श्रद्धालु बिना किसी रोक-टोक के पूजा, जप और दान कर सकेंगे। खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट के अनुसार, धर्मशास्त्रों में ग्रहण के नियम दृश्यता के आधार पर बताए गए हैं। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां धार्मिक गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
12 अगस्त को लगने वाला पूर्ण सूर्यग्रहण
भारत में भले ही दोनों ग्रहण दिखाई नहीं देंगे, लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में इन्हें लेकर उत्सुकता बनी हुई है। खगोल विज्ञान के क्षेत्र में ये दोनों घटनाएं महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। 12 अगस्त को लगने वाला पूर्ण सूर्यग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन के कुछ क्षेत्रों में दिखाई देगा। इन जगहों पर दिन के समय कुछ मिनटों के लिए सूर्य पूरी तरह ढक जाएगा और अंधेरा छा जाएगा। वहीं यूरोप, रूस और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र में यह आंशिक सूर्यग्रहण के रूप में नजर आएगा। अगस्त के अंत में लगने वाला आंशिक चंद्रग्रहण भी खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। इस दौरान चंद्रमा का करीब 93 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में आ जाएगा। यह नजारा उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप तथा अटलांटिक क्षेत्र के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा।
ज्योतिष के अनुसार राशियों पर प्रभाव
ज्योतिषाचार्य मोहित पांडे के अनुसार, ग्रहण भारत में दिखाई न देने के बावजूद ज्योतिषीय गणनाओं में इसका प्रभाव माना जाता है।
सावधानी बरतने वाली राशियां: कर्क, सिंह, वृश्चिक, कुंभ और मीन राशि के जातकों को स्वास्थ्य, अनावश्यक खर्च और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अनुकूल समय वाली राशियां: मिथुन, कन्या और धनु राशि के जातकों के लिए करियर, आर्थिक लाभ और धार्मिक कार्यों में सफलता के योग बताए गए हैं।
मिश्रित परिणाम वाली राशियां: मेष, वृषभ, तुला और मकर राशि के लोगों के लिए समय मिले-जुले अवसरों और यात्राओं से जुड़ा रह सकता है।
2027 में भारत में दिखेगा बड़ा सूर्यग्रहण
अगस्त 2026 के बाद अगली बड़ी खगोलीय घटना 2 अगस्त 2027 को होगी। इस दिन 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्यग्रहण लगने वाला है, जिसकी अधिकतम अवधि करीब 6 मिनट 23 सेकंड होगी। यह ग्रहण भारत में आंशिक रूप से दिखाई देगा, इसलिए उस समय देश में सूतक और धार्मिक मान्यताओं के नियम लागू होंगे।