Rewa Hospital News: प्रसूता और नवजात की मौत, बाबू बचा लो कहती महिला का वीडियो वायरल, दो डॉक्टर और दो नर्स सस्पेंड
Rewa Hospital News: गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत हो गई। परिजनों के आरोपों के बाद दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अफसरों को निलंबित कर जांच शुरू की गई है।
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कीर्तिमान न्यूज
29 Aug 2026, 09:03 AM
रीवा
Rewa Hospital News: सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध गांधी मेमोरियल अस्पताल (जीएमएच) से इलाज में घोर लापरवाही का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। मौत से ठीक पहले महिला का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद पीड़ित परिवार के हंगामे को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन और शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अफसरों को निलंबित कर दिया है।
लापरवाही से गई जच्चा-बच्चा की जान
मनगवां निवासी कल्पना मिश्रा को बीते मंगलवार को डिलीवरी के लिए गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि बुधवार रात ड्यूटी पर तैनात मेडिकल स्टाफ ने इलाज में भारी लापरवाही बरती। समय पर ध्यान न दिए जाने के कारण जच्चा और बच्चा दोनों ने दम तोड़ दिया। इसी बीच मृतका का एक दर्दनाक वीडियो सामने आया, जिसमें वह रोते-बिलखते हुए गुहार लगा रही थी— "ऐ बाबू, हमको बचा लो... ये हमको मार डालेंगे।"
जच्चा-बच्चा की मौत के बाद अस्पाताल परिसर के सामने बैठे परिजन वीडियों वायरल होती ही फूट पड़ा लोगों का गुस्सा
इस वीडियो के वायरल होते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मामले ने तूल पकड़ा तो राजनीतिक हलचल भी शुरू हो गई। कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर यह वीडियो पोस्ट करते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि अगर वक्त रहते कल्पना की चीख सुन ली जाती, तो आज मां और बच्चे दोनों जिंदा होते।
तत्काल कार्रवाई करते हुए किया निलंबित
वहीं, क्षेत्रीय विधायक नरेंद्र प्रजापति ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक की। मामला बढ़ता देख मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश जारी किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के डीन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित स्टाफ को निलंबित कर दिया है।
डॉ. सोनल अग्रवाल (प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग)
डॉ. निधि पांडेय (निश्चेतना/एनेस्थीसिया विभाग)
दो ड्यूटी नर्सिंग अफसर
अन्य दोषियों पर भी हो कार्रवाई
परिजनों की मांग पर मृतका और नवजात के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की एक संयुक्त टीम से कराया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पूरी घटना की विस्तृत जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई अन्य डॉक्टर या कर्मचारी भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।