दुर्ग जिले के भिलाई में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। ठगों ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और समाजसेवी सुधा मूर्ति के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल किया। ऑनलाइन निवेश से अच्छा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर आरोपियों ने एक रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी से करीब 45 लाख रुपए ठग लिए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मध्यप्रदेश के बैतूल से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। हुडको निवासी 61 वर्षीय जयंत बागची भिलाई इस्पात संयंत्र से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। वे भारतीय सेना में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, 10 मार्च 2026 को जयंत मोबाइल पर फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर ऑनलाइन निवेश से जुड़े एक विज्ञापन पर पड़ी। विज्ञापन में निर्मला सीतारमण, सचिन तेंदुलकर और सुधा मूर्ति के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था। बड़े नाम देखकर जयंत को विज्ञापन विश्वसनीय लगा।
रजिस्ट्रेशन के बाद शुरू हुआ रकम जमा कराने का सिलसिला
उन्होंने उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक किया और मांगी गई जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन कर लिया। रजिस्ट्रेशन के कुछ समय बाद कृतिका नाम की महिला ने जयंत से संपर्क किया। उसने खुद को निवेश प्रक्रिया से जुड़ा बताया और वरिष्ठ नागरिक होने के आधार पर 18,998 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर जमा करने को कहा। जयंत ने ऑनलाइन भुगतान कर दिया। इसके बाद सिद्धार्थ विपुल नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को अकाउंट मैनेजर बताया। उसने ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए बेहतर रिटर्न मिलने का दावा किया। बातचीत के दौरान आरोपियों ने यह भी बताया कि उनका कारोबार यूके, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में फैला हुआ है। इन दावों पर भरोसा कर जयंत ने निवेश के नाम पर अलग-अलग तारीखों में रकम जमा करनी शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, 17 मार्च को उन्होंने एक लाख रुपए और 24 व 25 मार्च को पांच-पांच लाख रुपए जमा किए।टैक्स के नाम पर मांगी और रकम, तब हुआ शक
इसके बाद आरोपियों ने मार्जिन बढ़ाने और निवेश प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर भी उनसे लगातार रकम मांगी। काफी रकम जमा कराने के बाद 22 अप्रैल को आरोपियों ने जयंत से कहा कि उनके निवेश की रकम तैयार हो चुकी है और टैक्स जमा करते ही भुगतान कर दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें अरुणाचल प्रदेश स्थित एक बैंक खाते में आरटीजीएस के जरिए पैसे भेजने को कहा गया। यहीं जयंत को पूरे मामले पर संदेह हुआ। उन्हें महसूस हुआ कि ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। इसके बाद उन्होंने तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की और बैंक को भी पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर भिलाई नगर थाने में अपराध क्रमांक 217/2026 दर्ज किया गया।


