SC on Corporate Hospitals: सुप्रीम कोर्ट की कॉर्पोरेट अस्पतालों को लेकर की गई सख्त टिप्पणी का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। अस्पतालों द्वारा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं पर ज्यादा मार्जिन वसूले जाने के मुद्दे पर कोर्ट की नाराजगी के बाद हॉस्पिटल सेक्टर के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। अपोलो हॉस्पिटल्स और यथार्थ हॉस्पिटल के शेयरों में करीब 6 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।
सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों में बिकने वाली दवाओं की कीमतों और उन पर लगाए जाने वाले मार्जिन को लेकर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की दवाओं पर कई गुना ज्यादा मार्जिन लगाया जा रहा है, जिससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।
सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों के दवा बिक्री सिस्टम पर उठाए सवाल
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने केंद्र सरकार से अस्पतालों द्वारा अपने ही केमिस्ट स्टोर से दवाएं खरीदने की अनिवार्यता वाले सिस्टम पर विचार करने को कहा। बेंच ने कहा कि इस व्यवस्था का सीधा असर आम मरीजों पर पड़ता है। कोर्ट ने इस बात पर सवाल उठाया कि मरीजों को अस्पताल के अंदर से ही महंगी दवाएं खरीदने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ता है।
कैंसर की दवा की कीमतों में बड़े अंतर पर कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर की दवा की कीमतों का उदाहरण देते हुए कहा कि एक दवा की MRP 27,000 रूपए थी, जबकि वही दवा रिटेलर्स को करीब 2,700 रूपए में उपलब्ध कराई जा रही थी। जस्टिस संदीप मेहता ने सवाल उठाया कि कीमतों में इतना बड़ा अंतर क्यों है। उन्होंने कहा कि जरूरी और गैर-जरूरी वस्तुओं के बीच अंतर किए बिना सभी दवाओं पर एक समान मार्जिन तय करने पर विचार किया जा सकता है।DPCO और दवा कीमत नियंत्रण से जुड़ी याचिका पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई ड्रग्स (प्राइसेस कंट्रोल) ऑर्डर (DPCO), 2013 के तहत दवाओं की कीमतों के नियमन, जेनेरिक दवाओं की बिक्री और मेडिकल डिवाइस की कीमतों से जुड़ी याचिकाओं पर हो रही थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस मामले में जरूरी कदम उठाने पर विचार करने को कहा है।
कॉर्पोरेट अस्पतालों पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से बातचीत के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कॉर्पोरेट अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर चिंता जताई। बेंच ने कहा कि अस्पतालों और फार्मा सेक्टर में मरीजों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सॉलिसिटर जनरल ने भी माना कि इस विषय पर अधिकारियों के साथ चर्चा की जरूरत है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद हॉस्पिटल शेयरों में गिरावट
30 सितंबर को सुबह करीब 10:40 बजे तक कई हॉस्पिटल कंपनियों के शेयर दबाव में नजर आए। अपोलो हॉस्पिटल्स, यथार्थ हॉस्पिटल और मैक्स हेल्थकेयर के शेयरों में 4 से 6 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं फोर्टिस हेल्थकेयर के शेयर करीब 5.2 फीसदी, कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज करीब 3.8 फीसदी और एस्टर डीएम क्वालिटी केयर करीब 4.2 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे थे।हेल्थकेयर और फार्मा इंडेक्स पर भी असर
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद बाजार में हेल्थकेयर सेक्टर पर दबाव देखने को मिला। 30 सितंबर को निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 1 फीसदी नीचे रहा, जबकि BSE हेल्थकेयर इंडेक्स में लगभग 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

