Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट देखने को मिली, वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई। कारोबार की शुरुआत के कुछ ही समय बाद निवेशकों को लगभग 6 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका था, लेकिन दिनभर बिकवाली का दबाव बढ़ने के साथ यह नुकसान और बढ़ गया, बाजार बंद होने तक निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपए की गिरावट आ गई।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
मंगलवार को बीएसई का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 1.52 फीसदी यानी 1,124.02 अंक गिरकर 72,771.72 के स्तर पर बंद हुआ वहीं, एनएसई का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 1.56 फीसदी यानी 360.25 अंक की गिरावट के साथ 22,780.25 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली और ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में बंद हुए, निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाते हुए सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया।
बाजार गिरने की 5 बड़ी वजहें
1. पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर शेयर बाजारों पर दिखाई दिया।
2. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ता है।
3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ाया।
4. रुपये में गिरावट
डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से बाजार में नकारात्मक माहौल बना।
5. वैश्विक बाजारों का दबाव
दुनियाभर के बाजारों में अनिश्चितता के चलते भारतीय बाजार पर भी दबाव देखने को मिला।
निवेशकों की नजर अब आगे की दिशा पर
शेयर बाजार में तेज गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार की चाल पर दिखाई दे सकता है।

