Stock Market Crash: हफ्ते की शुरुआत में ही दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार, शुरुआती कारोबार में डूबे निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपए
Stock Market Crash: वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा और निवेशकों को करीब 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
Stock Market Crash: हफ्ते के पहले ही दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद झटके के साथ हुई। वैश्विक मंच से आ रही खराब खबरों का सीधा असर घरेलू
शेयर बाजार पर देखने को मिला, जहां कारोबार शुरू होते ही बिकवाली का भारी दबाव बन गया। सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों ही प्रमुख सूचकांक लाल निशान के नीचे लुढ़क गए, जिससे निवेशकों को मिनटों में अरबों का घाटा उठाना पड़ा।
प्रमुख सूचकांकों का हाल
शुरुआती सत्र के दौरान ही निफ्टी-50 करीब 1.5 फीसदी की गिरावट के साथ 23,000 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़कर नीचे आ गया। दूसरी ओर, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स भी लगभग
1.4 प्रतिशत टूटकर 73,000 के स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार खुलने के कुछ ही देर भीतर सेंसेक्स में 1,000 अंकों से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
6 लाख करोड़ रुपए स्वाहा
बाजार में आई इस अचानक बिकवाली से निवेशकों की संपत्ति को बड़ा चपत लगा है। आंकड़े बताते हैं कि BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटने के बाद लगभग 476 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। यानी बाज़ार खुलते ही निवेशकों को करीब 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। स्मॉलकैप, मिडकैप और लार्जकैप—सभी वर्गों के शेयरों में गिरावट का असर देखा जा रहा है।
गिरावट के पीछे की बड़ी वजहें
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव: बाज़ार में इस भारी हलचल की सबसे बड़ी वजह वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने और संघर्ष खत्म करने के ईरानी प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता बढ़ गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: अमेरिका-ईरान तनाव के चलते क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) अचानक महंगा होने लगा है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के बाजार सेंटीमेंट पर सीधा बुरा असर डालती हैं।
विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली: बीते सत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार से पैसे निकाले हैं। FII द्वारा की जा रही लगातार बिकवाली से घरेलू निवेशकों का भरोसा भी डगमगाया है, जिसकी परिणति आज बाजार में इस बिकवाली के रूप में देखने को मिली।