Seva Sankalp Abhiyan: शासकीय हाईस्कूल बरेकेलकला में शिक्षा के साथ, विद्यार्थियों का किया जा रहा सर्वांगीण
Seva Sankalp Abhiyan: शासकीय हाईस्कूल बरेकेलकला ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विद्यालय में पुस्तकालय, प्रयोगशाला, सभाकक्ष जैसी सुविधाओं का बेहतर उपयोग किया जा रहा है।
प्रकाशित: 27 Sep 2026, 05:15 PM· 4 मिनट पढ़ने का समय
महासमुंद
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Seva Sankalp Abhiyan: सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत राज्य सरकार और विभागीय व्यवस्था से जिले में शिक्षा का स्तर अच्छा है। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय महासमुंद से दूरस्थ क्षेत्र में स्थित ग्राम बरेकेलकला में शासकीय हाईस्कूल संचालित है। यह विद्यालय बस्ती से काफी दूर होने के बावजूद आज शिक्षा, परीक्षा परिणाम, पर्यावरण संरक्षण, जनसहयोग एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है।
यहां शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था होने से शिक्षण कार्य में निरंतर सुधार आया और विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम वर्ष 2016 से 2023-34 तक 100 प्रतिशत रहा है। यह परिणाम विद्यालय के विद्यार्थियों के निरंतर मेहनत एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन से संभव हुआ है। अब विद्यालय के लिए नवीन भवन की स्वीकृति भी प्राप्त हुई, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हुआ।
संसाधनों के सदुपयोग से बदला विद्यालय
बरेकेलकला के हाईस्कूल में उपलब्ध संसाधनों का विद्यार्थियों के हित में बेहतर उपयोग किया जा रहा है। विद्यालय परिसर में पुस्तकालय कक्ष, प्रयोगशाला कक्ष एवं सभाकक्ष जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिनका विद्यार्थी नियमित रूप से उपयोग कर रहे हैं। विद्यालय के विकास की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक है। वर्ष 2019 से विद्यालय परिसर में गार्डन एवं वृक्षारोपण का कार्य प्रारंभ किया गया। इस कार्य में शाला विकास समिति, ग्राम पंचायत, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा जनसमुदाय का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।
पुस्तकालय कक्ष हर बच्चे के नाम एक पेड़ पहल
विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने के उद्देश्य से 'प्रत्येक बच्चे के नाम पर एक पेड़' लगाने की पहल की गई। इसके परिणामस्वरूप आज विद्यालय परिसर में हजारों पौधे लहलहा रहे हैं। विद्यालय परिसर में जामुन, आम, नारियल एवं विभिन्न औषधीय पौधों का रोपण किया गया है। साथ ही किचन गार्डन विकसित कर उसमें हल्दी, अरबी सहित विभिन्न उपयोगी पौधों का रोपण किया गया है। जनसहयोग एवं सामुदायिक सहभागिता से विद्यालय के सौंदर्यीकरण का कार्य भी निरंतर किया गया। आज यह विद्यालय दूरस्थ क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद एक सुंदर, स्वच्छ एवं हरित विद्यालय के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
साइकिल योजना से बढ़ी बालिकाओं की उपस्थिति दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद लगातार उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं शिक्षकों की मेहनत को दर्शाता है। विद्यालय में बालिकाओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में साइकिल वितरण योजना का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। साइकिल मिलने से दूरदराज से विद्यालय आने वाली बालिकाओं को आवागमन में सुविधा मिली और उनकी उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। समय समय पर जनप्रतिनिधियों के करकमलों से विद्यार्थियों को साइकिल वितरण किया गया, जिससे विद्यार्थियों में उत्साह एवं विद्यालय के प्रति जुड़ाव बढ़ा।
जनसहयोग से विद्यालय विकास को मिली नई गति
विद्यालय के विकास में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शाला प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत तथा समुदाय का निरंतर सहयोग प्राप्त होता रहा है। समय- समय पर बीआरसीसी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, डीएमसी एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालय का निरीक्षण एवं मार्गदर्शन किया जाता है। विभागीय सहयोग एवं मार्गदर्शन से विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को निरंतर गति मिली है। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा द्वारा विद्यार्थियों को अपने करकमलों से साइकिल वितरण किया गया। इसी प्रकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत महासमुंद अनुपमा आनंद द्वारा विद्यालय परिसर में नारियल के पौधरोपण एवं किचन गार्डन के विकास में स्वयं सहभागिता की गई।
बेहतर शिक्षा और हरियाली का प्रेरक मॉडल
विद्यालय में शासन के निर्देशानुसार विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, पर्यावरणीय एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों का नियमित एवं विस्तृत आयोजन किया जाता है। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाती है। इन सभी प्रयासों में शाला प्रबंधन समिति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। समिति के सदस्यों एवं ग्रामीण समुदाय के सहयोग से विद्यालय को निरंतर बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शासकीय हाईस्कूल बरेकेलकला की यह यात्रा इस बात का उदाहरण है कि दूरस्थ क्षेत्र, सीमित संसाधन और ग्रामीण परिवेश भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सामुदायिक सहभागिता के मार्ग में बाधा नहीं बनते, यदि शिक्षक, विद्यार्थी, पालक, शाला प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधि एवं शिक्षा विभाग मिलकर प्रयास करें। आज हजारों पौधों से हरा-भरा विद्यालय परिसर, बेहतर शैक्षणिक वातावरण, निरंतर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम, बालिकाओं की नियमित उपस्थिति तथा व्यापक जनसहयोग इस विद्यालय की सफलता की पहचान बन चुके हैं। आज शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सामुदायिक सहयोग का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभर रहा है।