सेवानिवृत्ति के बाद भी बच्चों की फिक्र करने वाली चंचला गुप्ता ने स्कूल को दीं 222 थालियां
महासमुंद की शासकीय आशीबाई गोलछा कन्या उच्चत्तर माध्यमिक शाला की सेवानिवृत्त शिक्षिका चंचला गुप्ता ने सेवा भावना की मिसाल पेश की। उन्होंने बच्चों की सुविधा के लिए 222 थालियां भेंट करने के साथ ही प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया और प्राथमिक उपचार बॉक्स व सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सामग्री भी प्रदान की।
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कीर्तिमान न्यूज
18 Aug 2026, 12:29 PM
महासमुंद
शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। उसकी जिम्मेदारी का दायरा भले ही बदल जाए, लेकिन बच्चों के प्रति उसका स्नेह और समाज के प्रति उसकी संवेदना, उम्र और पद की सीमाओं से परे होती है। महासमुंद की शासकीय आशीबाई गोलछा कन्या उच्चत्तर माध्यमिक शाला में ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण देखने को मिला, जहां पूर्व माध्यमिक विभाग की सेवानिवृत्त शिक्षिका चंचला गुप्ता ने यह साबित किया कि सेवा की भावना पद के साथ समाप्त नहीं होती।
सेवानिवृत्ति के बाद भी विद्यालय और बच्चों से उनका जुड़ाव बना हुआ है। बच्चों को मध्याह्न भोजन के लिए घर से थाली लेकर स्कूल न आना पड़े, उनकी इस छोटी-सी परेशानी को गुप्ता ने अपनी बड़ी जिम्मेदारी समझा और विद्यालय के प्राथमिक एवं माध्यमिक विभाग के विद्यार्थियों के लिए 222 नग थालियां भेंट कर दीं। यह महज थालियों का दान नहीं, बच्चों की सुविधा को समझने और उनकी जरूरत को अपना मानने की सोच है। थालियां मिलने की खुशी बच्चों के चेहरों पर साफ दिखाई दी। उनके लिए यह उपहार उपयोगी वस्तु नहीं, अपनी शिक्षिका के स्नेह और अपनत्व का अहसास भी था। अवसर को गुप्ता ने बच्चों के साथ खुशियां बांटने का भी बनाया। उन्होंने विद्यार्थियों को जलेबी-पकौड़े का नाश्ता कराया और मध्याह्न भोजन में न्योता भोज भी कराया। सेवानिवृत्त शिक्षिका और बच्चों के बीच आत्मीयता का यह दृश्य विद्यालय के लिए यादगार बन गया।
विद्यालय को थालियां देती शिक्षिका
सिर्फ सुविधा नहीं, प्रतिभाओं को भी दिया सम्मान
गुप्ता की संवेदनशीलता बच्चों की मूलभूत सुविधाओं तक सीमित नहीं रही। उन्होंने शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए पूर्व माध्यमिक विभाग में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने विद्यालय के लिए प्राथमिक चिकित्सीय बॉक्स भी भेंट किया, ताकि विद्यार्थियों को आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सके। वहीं विद्यालय की सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने वाले सेवाभावी और प्रतिभाशाली बच्चों को भी उन्होंने प्रोत्साहित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाली छात्राओं के लिए डांस ड्रेस के रूप में साड़ियां प्रदान कीं।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक
विद्यालय परिवार ने कहा अनुकरणीय है यह सेवा
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य जीआर सिन्हा, प्रधान पाठक माध्यमिक जीएल साहू और प्रधान पाठक प्राथमिक डेमेश्वरी गजेंद्र ने गुप्ता के सेवा कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी बच्चों के प्रति उनका स्नेह और विद्यालय के प्रति लगाव अनुकरणीय है। बच्चों की सुविधा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को ध्यान में रखकर किया गया उनका सहयोग निश्चित रूप से अन्य लोगों को भी प्रेरणा देगा। इस अवसर पर चंचला गुप्ता ने भावुक होकर कहा कि शिक्षक का रिश्ता नौकरी तक सीमित नहीं होता, यह जीवनभर का संबंध है। बच्चों की मुस्कान और उनकी सुविधा ही मेरे लिए सबसे बड़ा संतोष है। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे।