State Teacher Award: शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम और नवाचार के लिए बागबाहरा विकासखंड के दो शिक्षकों का चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार 2026-27 के लिए हुआ है। शासकीय प्राथमिक शाला धरमपुर (स.) के सहायक शिक्षक रिंकल बग्गा और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बिंद्रावन के शिक्षक राम प्रसाद साहू को उनके उल्लेखनीय शिक्षण कार्य के लिए इस सम्मान के लिए चुना गया है। वर्ष 2018 के बाद यह पहली बार है जब बागबाहरा विकासखंड से दो शिक्षकों का एक साथ राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।
रिंकल बग्गा पिछले करीब 10 वर्षों से ग्राम सम्हर में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के साथ बालिका शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण और डिजिटल संसाधनों के उपयोग पर विशेष जोर दिया। बालिकाओं के नामांकन और नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए भी उन्होंने लगातार प्रयास किए। बच्चों को कठिन विषयों को आसानी से समझाने के लिए खेल, कहानियों, स्थानीय संसाधनों और अलग-अलग शिक्षण सामग्री का उपयोग किया जाता है।
तकनीक और नवाचार से आसान हुई पढ़ाई
विद्यालय में हर घर ब्लैकबोर्ड, प्रिंट रिच वातावरण, रीडिंग कॉर्नर, सामुदायिक पुस्तकालय, विज्ञान का पिटारा, STEM और ICT गतिविधियां, हर्बल गार्डन तथा किचन गार्डन जैसी पहल संचालित की जा रही हैं। कोरोना काल में जब स्कूलों में नियमित कक्षाएं प्रभावित थीं, तब बच्चों के घरों के बाहर ब्लैकबोर्ड बनाकर पढ़ाई को उनके घर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। वर्तमान में बच्चों में डिजिटल और रचनात्मक क्षमता विकसित करने के लिए AI टूल्स, ब्लॉक कोडिंग, ई-कंटेंट, एनीमेशन और प्रोजेक्ट आधारित गतिविधियों को भी शिक्षण का हिस्सा बनाया गया है। ग्रामीण परिवेश को भी पढ़ाई से जोड़ने के लिए पेड़-पौधों, प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय सामग्री का प्रयोग किया जाता है। प्रयोग आधारित गतिविधियों के जरिए बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर जोर दिया जाता है। वहीं पालकों को स्कूल की गतिविधियों से जोड़कर बच्चों की शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
जरूरतमंद बच्चों को देते हैं निशुल्क कोचिंग
रिंकल बग्गा अपने शिक्षक साथियों के साथ ‘सुपर 40 क्लासेज’ भी संचालित करते हैं। इसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग दी जाती है। वर्ष 2025 और 2026 में उनका राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए राज्य स्तर से चयन हुआ था, हालांकि अंतिम सूची में स्थान नहीं बन पाया। शिक्षक राम प्रसाद साहू ने भी शिक्षा में नवाचार को प्राथमिकता दी। उन्होंने कबाड़ से जुगाड़, शून्य निवेश नवाचार और गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने के नए अवसर उपलब्ध कराए। स्थानीय और अनुपयोगी सामग्री से शिक्षण-सहायक सामग्री तैयार कर बच्चों को ‘करके सीखने’ की पद्धति से जोड़ा गया। उनकी शाला के विद्यार्थियों का लगातार तीन वर्षों से प्रयास परीक्षा में चयन भी हुआ है।चयन पर शिक्षकों को मिल रही बधाइयां
दोनों शिक्षकों के राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन की खबर के बाद विकासखंड शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों, शिक्षक साथियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी। क्षेत्रवासियों ने दोनों शिक्षकों के शिक्षण के प्रति समर्पण और नवाचारों की सराहना करते हुए इसे बागबाहरा और महासमुंद जिले के लिए गौरव की उपलब्धि बताया। साथ ही दोनों शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

