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PoK में JAAC के बंद और मुज़फ़्फ़राबाद लॉन्ग मार्च की तैयारी
PoK में JAAC के बंद और मुज़फ़्फ़राबाद लॉन्ग मार्च की तैयारी
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मुज़फ़्फ़राबाद की ओर फिर बढ़ेंगे कदम : PoK में 26-27 जुलाई को महाजाम, इस्लामाबाद के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरी जनता

PoK में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 26-27 जुलाई को बंद और मुज़फ़्फ़राबाद लॉन्ग मार्च का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, जबकि पिछले प्रदर्शनों में हुई झड़पों को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 26 Jul 2026, 09:13 AM · अपडेट: 03 Nov 2026, 06:49 AM
इस्लामाबाद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इस्लामाबाद की नीतियों के खिलाफ सुलग रही असंतोष की आग एक बार फिर विकराल रूप लेने जा रही है। इलाके में नागरिक अधिकारों की आवाज उठा रही 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) ने 26 और 27 जुलाई को पूरे क्षेत्र में पूर्ण बंदी और 'मुज़फ़्फ़राबाद लॉन्ग मार्च' का बड़ा ऐलान किया है। आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ नागरिक अधिकार कार्यकर्ता उमर नजीर कश्मीरी और एडवोकेट ख्वाजा मेहरान ने स्थानीय नागरिकों से मतभेद भुलाकर एकजुट होने की अपील की है। नेताओं का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन इस्लामाबाद की प्रशासनिक नीतियों और स्थानीय प्रशासन के रवैये के खिलाफ निर्णायक मोड़ साबित होगा।

क्या है आंदोलनकारियों की रणनीति?

इस बार आंदोलनकारी नेताओं ने बिखरे हुए विरोध प्रदर्शनों को एक बड़े जनांदोलन में बदलने के लिए खास रणनीति बनाई है। योजना के मुताबिक:

  • 26 जुलाई (पहला चरण): विरोध की शुरुआत मीरपुर से होगी। यहाँ से प्रदर्शनकारियों का एक विशाल काफिला निकलेगा जो रावलकोट पहुंचेगा और वहां चल रहे स्थानीय धरने में शामिल होगा।

  • 27 जुलाई (लॉन्ग मार्च): सभी इलाकों के प्रदर्शनकारी एकजुट होकर प्रांतीय राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद की ओर कूच करेंगे।

आंदोलन पूरी तरह रहेगा शांतिपूर्ण

व्यापारियों और आम लोगों से दुकानें, बाजार और नागरिक कामकाज पूरी तरह बंद रखकर इस लॉन्ग मार्च का हिस्सा बनने का आह्वान किया गया है। JAAC नेताओं का साफ तौर पर कहना है कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी सुरक्षाकर्मी या जवान से नहीं, बल्कि इस्लामाबाद द्वारा थोपी गई अन्यायपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था से है। 

लोगों के बीच कई बार हो चुकी हिंसक झड़पें

हालांकि, जमीनी हालात को देखते हुए एक बार फिर हिंसा और तनाव की आशंका गहरा गई है। बीते एक महीने से अधिक समय से चल रहे इन प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच कई बार हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किए गए बल प्रयोग में अब तक दर्जनों प्रदर्शनकारी अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे में मुज़फ़्फ़राबाद मार्च से पहले इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और भारी तनाव का माहौल है।
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