रायपुर में डागा बिल्डिंग के पास जानी की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी नदीम खान उर्फ जगीरा (40) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सिटी कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। वारदात के बाद आरोपी रायपुर छोड़कर नागपुर चला गया था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। बाद में हुलिया बदलकर रायपुर लौटने की सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि जानी और जगीरा के बीच मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर जगीरा ने पास पड़े पत्थर से जानी के सिर के पीछे दो-तीन बार वार किया। गंभीर चोट लगने के बाद जानी वहीं गिरकर अचेत हो गया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मामला 23 जुलाई 2026 का है। सिटी कोतवाली पुलिस को डागा बिल्डिंग के सामने एक व्यक्ति के घायल अवस्था में पड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान जानी के रूप में की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया।
कंबल को लेकर शुरू हुआ था विवाद
इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नदीम खान उर्फ जगीरा खानाबदोश प्रवृत्ति का है और डागा बिल्डिंग के आसपास खुले स्थान पर अन्य लोगों के साथ रहता और सोता था। घटना की रात जानी शराब के नशे में वहां पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक, जानी ने जगीरा का कंबल छीनने की कोशिश की और उसी स्थान पर पेशाब करने लगा। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर जगीरा ने पास पड़ा पत्थर उठाकर जानी के सिर के पीछे कथित तौर पर दो-तीन वार कर दिए। हमले के बाद जानी गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गया। उसे अचेत देखकर जगीरा वहां से भाग निकला। हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस
इसके साथ ही क्षेत्र में रहने और घूमने वाले लोगों से पूछताछ की गई। जांच में नदीम खान उर्फ जगीरा की भूमिका संदिग्ध मिली। उसकी पहचान शहीद हमीद नगर में कब्रिस्तान के पास रहने वाले 40 वर्षीय नदीम खान के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, जगीरा को जब पता चला कि उसकी तलाश की जा रही है तो वह रायपुर छोड़कर नागपुर चला गया। स्थायी ठिकाना नहीं होने के कारण वह अलग-अलग स्थानों पर घूमता रहा। बताया गया कि वह उर्स और मजारों के आसपास रुकता और भिक्षा मांगकर अपना जीवन-यापन करता था। लगातार जगह बदलने के कारण पुलिस को उसे पकड़ने में परेशानी हो रही थी। कुछ समय बाद आरोपी अपना हुलिया बदलकर दोबारा रायपुर लौट आया।