छत्तीसगढ़ में नई शिक्षा नीति (NEP-2020) लागू हुए करीब एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक One-Year PG को लेकर राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कोई स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। इससे प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के सामने आगे की पढ़ाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी मांग को लेकर राजनांदगांव के विभिन्न महाविद्यालयों में छात्रों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई।
राजनांदगांव के कॉलेजों में NEP-2020 के तहत नए शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। यूजीसी के नियमों के अनुसार चार वर्षीय स्नातक (Four-Year UG) करने वाले विद्यार्थियों को One-Year PG पाठ्यक्रम में सीधे प्रवेश का प्रावधान है।
छात्रों ने कॉलेज परिसर में किया प्रदर्शन
हालांकि, छत्तीसगढ़ में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए अब तक उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इसके कारण छात्र असमंजस में हैं कि आगे की पढ़ाई किस प्रक्रिया के तहत होगी। इस मामले को लेकर छात्रों ने कॉलेज परिसर में बैनर और पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि भी दी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने एक प्रतीकात्मक पोस्टर दिखाया, जिस पर लिखा था- "हम सपने तो देख रहे हैं, पर सिस्टम सो रहा है।"छात्रों की मांग- जल्द जारी हो प्रवेश प्रक्रिया की गाइडलाइन
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि अगर One-Year PG प्रवेश को लेकर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का एक साल खराब हो सकता है। छात्रों ने राज्य सरकार से मांग की है कि उच्च शिक्षा विभाग जल्द से जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में परेशानी न हो। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से छात्रों ने अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है। अब सभी की नजर उच्च शिक्षा विभाग के अगले कदम पर है।